राजकीय मेडिकल कालेज में जल्द ही मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया की टीम निरीक्षण करेगी। टीम के निरीक्षण के बाद एमबीबीएस फाइनल ईयर का भविष्य तय होगा। इसी सप्ताह होने वाले निरीक्षण को लेकर कालेज प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। खामियों को दुरुस्त कराने के लिए मंगलवार को प्राचार्य व सीएमएस विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ मशविरा करते रहे। दो माह पहले मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्सीय टीम ने मेडिकल कालेज का दिवसीय निरीक्षण किया था।
उस दौरान ओपीडी व इंडोर सेवा में मरीजों की तादात कम मिली थी। इस पर एमसीआई ने एमबीबीएस फाइनल ईयर की मान्यता देने से इनकार कर दिया था। फैकल्टी में कुछ चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्तियां भी मानक के अनुसार नहीं मिली थी। इस बार टीम के आने से पहले दोनों खामियों को दुरुस्त कराया जा चुका है। फैकल्टी में चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्तियों की प्रक्रिया मानक के अनुसार कर दी गई है।
इंडोर सेवा में भी मरीजों की तादात ठीक है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया ने बताया कि ओपीडी में भी रोज करीब एक हजार से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। एकेडमिक ब्लाक में स्थित विभिन्न फैकल्टियों के म्यूजियम, प्रयोगशालाओ की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही है। आईसीयू, एनआईसीयू की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करा दिया गया है। इंडोर सेवा में बाल रोग विभाग, आर्थो, सर्जरी व ईएनटी विभाग ने मरीजों के बेड बढ़ा दिए गए हैं।