बचो। भागो, भूकंप आया है। मंगलवार दोपहर करीब 12.38 बजे हर ओर से इसी तरह की आवाजें आ रही थीं। चंद पलों में ही दहशत की हवा चारों तरफ फैल गई। जो जिस हालत में था, खुली जगह में पहुंचने के लिए दौड़ पड़ा। करीब आधे घंटे तक ज्यादातर लोगों के चेहरों पर खौफ का साया मंडराता रहा।
सदर तहसील में एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान झटके आते ही बिल्डिंग हिली तो हाहाकार मच गया। यही हाल तहसील के अन्य कमरों का था। भागो जान बचाओ, का शोर मचा तो हर कोई दफ्तर के गेट से बाहर की ओर भागा। एसडीएम, अधिवक्ता, राजस्व विभाग के कर्मचारी समेत वादकारी भी खुले आसमान के नीचे जाकर खड़े हुए। एसडीएम ने बताया कि सभी ने भूकंप के झटके महसूस किए हैं।
कुछ ऐसा ही हाल सीएमओ कार्यालय का रहा। झटके महसूस होते ही बाबू से लेकर कर्मचारी सरपट भाग पड़े। महिला अस्पताल में मरीज व नर्स भी सारे काम छोड़कर बाहर आए। डिप्टी कलेक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि भूकंप आया तो कुर्सियां हिलने लगीं। आलमारी इधर-उधर खिसकीं। कई सेकेंड तक धरती हिलने का एहसास हुआ।
जिला अस्पताल में तो अफरा-तफरी मच गई। जिसे जिधर जगह मिली वह उधर से निकलकर भागा। करीब 20 मिनट तक चिकित्सीय सेवाएं भी ठप रहीं। दूसरी मंजिल पर बने वार्ड में भर्ती मरीज व तीमारदार भी डर के चलते नीचे उतर आए। कचहरी भवन में तो अधिवक्ताओं के बस्तों पर बैठे व रास्ते से निकल रहे कई वादकारियों ने भूकंप के झटकों से कोर्ट की कई मंजिला इमारत को हिलते हुए देखा। इससे उनके रोंगटे खड़े हो गए। फील्ड में खड़े हक्के-बक्के लोग जहां के तहां ठहर गए। वहीं अंदर मौजूद हर कोई बाहर की तरफ तेजी से निकला।
घरों से निकल कर भागे मेडिकल कर्मी
कसबे में भूकंप के झटके महसूस होते ही हड़कंप मच गया। लोग अपने मकानों से बाहर निकल आए। परिषदीय स्कूलों में भी आनन-फानन में छुट्टी कर दी गई। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में प्रधानाचार्य के निर्देश पर खतरे की घंटी बजाकर स्कूल के कक्षों से विद्यार्थियों को बाहर निकाला गया।
राजकीय मेडिकल कालेज में भी भूकंप की सूचना पर हड़कंप मचा रहा। आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के परिवारीजन बाहर निकल पार्कों व सड़कों पर खड़े हो गए। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज व उनके तीमारदार भी बाहर खुले मैदानों में पहुंच गए।
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कार्यक्रम बीच में ही छोड़ भागे कर्मचारी
तिर्वा। दौरान मेडिकल कालेज में राजकीय नर्सेज संघ का कार्यक्रम चल रहा था। भूकंप की दहशत में सभी कर्मचारी कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर बाहर भागे। कुछ देर बाद राहत मिलने पर दोबारा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस बीच लोगों ने अपने टीवी चालू कर भूकंप से संबंधित जानकारियां हासिल कीं।
भूकंप पीड़ितों के लिए चंदा जुटाया
जसोदा। सरस्वती शिशु मंदिर जसोदा के छात्र-छात्राओं ने भूकंप पीड़ितों के लिए चंदा जमा किया। इसमें बच्चों ने एक रुपये से लेकर 20 रुपये तक का सहयोग लिया। कुल जमा हुआ लगभग डेढ़ हजार रुपये प्रधानाचार्य छुन्नूलाल कनौजिया के पास जमा किया। समिति के जरिए यह धनराशि भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भेजा जाएगा।