जीटी रोड हाइवे पर हादसों की संख्या कर करने के लिए करीब एक दशक से उसे चौड़ा करने की योजना आज तक साकार नहीं हो पाई है। कभी सर्वे तो कभी प्रस्ताव में बदलाव के चक्कर में जीटी रोड हाइवे को फोरलेन बनाने का काम मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा हो गया है। आलम यह है कि हर रोज हादसों में कोई घायल होता है तो कोई अपनी जान से हाथ धो बैठता है। इसके बाद भी लोगों की चीखों से शासन और प्रशासन का दिल नहीं पसीज रहा है।
लोकनिर्माण विभाग की देखरेख में जीटी रोड को जब नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने अपने कब्जे में लिया था तब उम्मीद जगी थी की इसका कायाकल्प होगा। वर्ष 2005 में जीटी रोड को चौड़ा करने की कवायद शुरू की गई। सभासद श्याम तिवारी ने बताया कि उस दौर में मानीमऊ, सरायमीरा, मकरंदनगर, जलालाबाद, जसोदा, प्रेमपुर, गुरसहायगंज, छिबरामऊ समेत अन्य कसबों में रोड किनारे दोनों तरफ पैमाइश की गई थी। कहा गया था कि जीटी रोड के डामरीकृत हिस्से की चौड़ाई बढ़ाकर 10 मीटर की जाएगी। तब से अब तक दस मीटर करने का प्रस्ताव कछुआ गति से रेंग रहा है।
लोकनिर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार जीटी रोड के चौड़ीकरण का कार्य एक बार फिर लटकने के आसार हैं। वजह 10 मीटर चौड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई का काम मंजूर हुआ है। इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के बजाय बीच में लंबित कर दिया गया है। अब जीटी रोड को फोरलेन में तब्दील करने का खाका खींचा गया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक राजीव अग्रवाल का कहना है कि 6 से 7 महीने डिटेल प्रोजेक्ट (डीपीआर) बनाने में लगेगा। युद्धस्तर से डीपीआर बनाई जा रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार इस रोड को लेकर सकारात्मक रुख अपनाए हैं। कानपुर से अलीगढ़ तक फोरलेन बनाने के लिए केंद्र सरकार को डीपीआर देने के बाद बजट आवंटन की मांग की जाएगी। कन्नौज में कलेक्ट्रेट स्थित राजस्व विभाग से जमीन संबंधी नक्शे ले लिए गए हैं। इंजीनियरों की टीम सर्वे कार्य में लगी है।
तीस माह में फोरलेन में बदल जाएगा जीटी रोड
एनएचएआई के निदेशक की मानें तो केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने व बजट आवंटन होने के बाद जीटी रोड को फोरलेन में तब्दील करने में 30 महीने लगेंगे। चार सेक्टर में बांटकर एक साथ फोरलेन निर्माण कार्य शुरू कराने की योजना है। पहले सेक्टर में कानपुर से कन्नौज, दूसरे में कन्नौज से बेवर, तीसरे में बेवर से एटा और चौथे सेक्टर में एटा से अलीगढ़ तक के हिस्से को शामिल किया गया है। फोरलेन होने पर जीटी रोड के डामरीकृत हिस्से की चौड़ाई 18 मीटर होगी। बीच में डिवाइडर होगा।
जमीन तो देनी ही पड़ेगी
एनएचएआई के अफसरों की मानें तो जीटी रोड फोरलेन के दौरान कई कसबों में बाईपास बनाने के लिए जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। लोगों का सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जमीन तो पब्लिक को देनी ही पड़ेगी। मौजूदा समय में रोड की चौड़ाई व अन्य स्थितियों को देखते हुए ट्रैफिक लोड बहुत ज्यादा है।
इस महीने हुए हादसे
5 अप्रैल : छिबरामऊ में बस की टक्कर से दो घायल। बाईपास पर दो हादसों में पांच घायल।
6 अप्रैल : तिखवा के सामने ट्रक की टक्कर से महिला की मौत।
7 अप्रैल : ताजपुर गांव के सामने बुलैरो की टक्कर से वृद्ध की मौत, चार घायल।
10 अप्रैल : ताजपुर गांव के सामने बस पलटने से छह घायल।
11 अप्रैल : छिबरामऊ के फर्रुखाबाद मोड़ पर बाइक भिड़त में दो घायल।
13 अप्रैल : सौरिख मोड़ पर बाइक की टक्कर में तीन घायल।
15 अप्रैल : छिबरामऊ के कुंवरपुर गांव के सामने दो हादसों में पांच घायल।
17 अप्रैल : कन्नौज बाईपास पर कार की टक्कर से तीन घायल।
19 अप्रैल : छिबरामऊ के प्रेमपुर में बाइक भिड़ंत में तीन घायल। गुरसहायगंज में हादसे में मौत।
20 अप्रैल: अकबरपुर गांव के सामने दो घायल। ट्रक की टक्कर से युवक की मौत।
22 अप्रैल : गुरसहायगंज जीटी रोड बाईपास पर दो हादसों में पांच घायल।
23 अप्रैल : तिलोई के सामने टक्कर में पांच घायल।
27 अप्रैल : जलालाबाद में डीसीएम की टक्कर से बालक की मौत।
28 अप्रैल : हरदोई तिराहे पर बस पलटने से तीन की मौत, 52 घायल।