रेलवे ट्रैक की चेकिंग करते आरपीएफ के जवान।
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समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर उतरा। शिक्षामित्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आरपीएफ भी पूरे दिन अलर्ट रहा। आरपीएफ कन्नौज जनपद की रेलवे सीमा गुरसहायगंज से रावतपुर तक रेलवे ट्रैक की निगरानी में लगी रही। देर शाम तक शिक्षा मित्रों का धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो जाने पर आरपीएफ ने राहत की सांस ली है।
शिक्षामित्रों ने 14 सितंबर 2015 को बीआरसी कार्यालय के पास क्रासिंग पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इसी को देखते हुए इस बार आरपीएफ पहले से अलर्ट था। आरपीएफ एसआई संजय कुमार राय ने बताया कि ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित है। यदि किसी ने रेलवे ट्रैक को जाम करने की कोशिश की तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बताया कि यदि किसी तरह की मांग पर रेलवे ट्रैक जाम किया जाता है तो इस संबंध में चार धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
ट्रैक जाम करने की दशा में रेलवे की धारा 174, 145, 146, 154 के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होने बताया कि 174 के अंतर्गत दो वर्ष की सजा व जुर्माना, 145 के अंतर्गत छह माह की सजा व जुर्माना, 146 के तहत छह माह की सजा व जुर्माना और धारा 154 के तहत तीन वर्ष की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।