कन्नौज। छिबरामऊ के घिलोई में स्पीलर बस व ट्रक हादसे को दो दिन का समय बीत चुका है। जिला प्रशासन ने अभी तक परिवहन विभाग या पुलिस अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं की। इतने बड़े हादसे में दोषी अफसरों को क्लीन चिट देने का प्रयास किया जा रहा है। खास बात यह है कि डेढ़ साल पहले मैनपुरी हादसे के बाद विमल ट्रैवल्स एजेंसी को दागी मानकर उसकी बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद जिले में टूरिस्ट परमिट पर रोजाना सवारियां ढोई जा रही थी।
छिबरामऊ के घिलोई में शुक्रवार देर रात बस व ट्रक हादसा कई जिंदगियों को निगल गया। हादसे का शिकार हुई स्पीलर बस टूरिज्म व पार्टी के नाम पर रोजाना गुरसहायगंज और छिबरामऊ से सवारियां ढो रही थी। स्लीपर बस विमल ट्रैवल्स एजेंसी के नाम से संचालित हो रही थी। यह वहीं एजेंसी है जो जून, 2018 में मैनपुरी में तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। इसमें 18 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद अफसरों ने सख्ती दिखाई तो ट्रैवल्स एजेंसी का संचालन बंद कर दिया था। इससे जिले में कुछ माह तक इस ट्रैवल्स एजेंसी की बसें आना बंद हो गई। परिवहन व पुलिस की मेहरबानी से दागदार ट्रैवल्स एजेंसी की बसों का फिर से संचालन शुरू हो गया। टूरिस्ट के परमिट पर इस ट्रैवल्स एजेंसी की बसें जगह-जगह से सवारियां ढोने लगी। जिम्मेदार अफसर अपनी जेब गर्म करने के बाद जांच की जगह लापरवाही पर पर्दा डाले रहे। छिबरामऊ के घिलोई में हादसा होने के बाद सभी की नींद टूटी तो वह दागदार ट्रैवल्स एजेंसी की बस निकली। हादसे के दो दिन का समय बीत जाने के बाद अभी तक किसी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है बल्कि बस के कागज सही होने का हवाला देकर अफसरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यातायात नियमों के मुताबिक, अगर किसी बस का टूरिस्ट का परिमट है। इसके तहत पंजीकृत बस एक स्थान से सवारियों को उठाकर निश्चित स्थान पर छोड़ने का प्रावधान है। वहीं छिबरामऊ के घिलोई में हादसे का शिकार हुई विमल ट्रैवल्स एजेंसी का टूरिस्ट का परमिट था। यह बस रोजाना जगह-जगह से सवारियों को उठाकर व उतार रही थी। पुलिस से लेकर विभागीय अफसर जानकर अनजान बने रहे। इससे इतना बड़ा हादसा हो गया।
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