कन्नौज। जमीन से कब्जा छुड़ाने के एवज में रिश्वत लेने वाले इंस्पेक्टर इंद्रपाल सरोज को पुलिस लाइन से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद सदर कोतवाली पुलिस भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ ले गई। यहां से मजिस्ट्रेट ने जेल भेज दिया।
तालग्राम के थानेदार इंद्रपाल सरोज का एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ था। इसमें वह एक पक्ष से रुपये लेकर गिनते और जेब में रखते देखे गए। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने इंस्पेक्टर इंद्रपाल सरोज को लाइन हाजिर कर दिया था। सीओ सदर शिव प्रताप सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी गई थी। प्राथमिक जांच में जमीन से कब्जा मुक्त कराने के लिए 10 हजार की रिश्वत लेना सच साबित हुआ। सीओ की रिपोर्ट के बाद तालग्राम थाने में तैनात उप निरीक्षक सुदेश कुमार ने इंस्पेक्टर इंद्रपाल सरोज के खिलाफ बुधवार सुबह भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद सदर कोतवाल विकास राय ने पुलिस लाइन पहुंच कर इंद्रपाल सरोज को आवास से गिरफ्तार कर लिया।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इंद्रपाल सरोज रामापुर हथिगवां प्रतापगढ़ के मूल निवासी हैं। पूछताछ के बाद पुलिस भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ ले गई। यहां उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां से जेल भेज दिया गया। वहीं सीओ सदर ने बताया कि चौखटा निवासी मायादेवी के पिता मेवाराम की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। मायादेवी की शादी औरैया के थाना बिधूना कटरा निवासी रामसेवक उर्फ नाथूराम से हुई है। परिवार में इकलौती संतान होने की वजह से उन्हें मायके में छह बीघा जमीन मिली है। इस जमीन पर कुछ लोग कब्जा किए हैं। इसे छुड़ाने के नाम पर उसके बेटे सूर्य प्रकाश से इंद्रपाल सरोज ने 10 हजार की रिश्वत ली थी।