कन्नौज। बिहार के बाद अब प्रदेश में भी वोट चोरी के मुद्दे पर सियासत गरमाने लगी है। सदर सीट से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने वोट चोरी के मसले पर समाजवादी पार्टी को कठघरे में खड़ा किया है तो सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उनके वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार समेत चुनाव आयोग को घेरा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मंत्री असीम अरुण के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि भाजपा के इन विधायक और प्रदेश के मंत्री जी का एफिडेविट चुनाव आयोग पहुंच गया क्या? चुनाव आयोग इनके खिलाफ क्या करेगा, इसका शपथ पत्र न सही तो श्वेतपत्र दे।
इस पोस्ट के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई। मंत्री ने यह बयान बरेली में मीडिया को दिया था, जिसमें सपा और कांग्रेस पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। साथ ही बताया कि कन्नौज में भी पिछले चुनावों में व्यापक पैमाने पर वोट चोरी की गई और सपा नेताओं ने बीएलओ पर दबाव बनाकर अपने हिसाब से मतदाता सूची बनवाई थी।
इसी वजह से विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) का विरोध कर रहा है। वहीं, सोमवार को कलक्ट्रेट रोड पर अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कन्नौज में 2014 का लोकसभा चुनाव धांधली से जीता गया था। भाजपा के हर बूथ पर आठ-दस वोट कटे मिले।
वह एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग का समर्थन कर रहे हैं। वोटर लिस्ट भी आधार से लिंक होनी चाहिए, वह इसका भी समर्थन कर रहे हैं। बोले-राहुल गांधी और अखिलेश यादव इसलिए विरोध कर रहे हैं कि वह अभी तक मतदाता सूची में गड़बडियों का लाभ उठाते रहे हैं। फर्जी वोटिंग भी तो एक प्रकार की बूथ कैप्चरिंग ही है।
उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग ने अल्टीमेटम दिया तो वह विरोध पर उतर आए। भाजपा ने एसआईआर पर 300 सुझाव दिए, जबकि कांग्रेस और सपा ने एक भी सुझाव नहीं दिया। निश्चित रूप से चुनाव आयोग इसमें सुधार करेगा। यह एक संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष रूप से काम कर रही है। विपक्ष को सुधारात्मक प्रक्रिया पसंद नहीं है।