जिला पंचायत, बीडीसी और ब्लाक प्रमुख पद के आरक्षण को
लेकर तरह-तरह की आपत्तियां आ रही हैं। आपत्तियां दर्ज कराने वाले कई लोगों
ने तो आरक्षण सही न होने पर हाईकोर्ट की शरण लेने की चेतावनी दी है।
सपा
नेता पीपी सिंह बघेल ने डीपीआरओ को भेजे शिकायती पत्र में जिला पंचायत के
वार्ड छह के आरक्षण आवंटन पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस वार्ड का
गलत आरक्षण किया गया है। उन्होंने वार्ड छह जिला पंचायत जलालाबाद प्रथम को
सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित करने की मांग की है।
ऐसा न होने पर
आरक्षण आवंटन के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे। रामपुर लाख निवासी एजाज
हुसैन ने दर्ज कराई आपत्ति में कहा कि जिला पंचायत के वार्ड-22 को
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि इस वार्ड में सामान्य और
पिछड़ी जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है।
गांव मवई रिहायक मतौली
निवासी नली आलम ने शिकायतीपत्र में कहा है कि क्षेत्र पंचायत जलालाबाद के
वार्ड संख्या 36 व 37 को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जाति महिला के लिए
आरक्षित किया गया है, जो सरासर गलत है।
आरक्षण में धांधली की गई
है, क्योंकि एक ही ग्राम पंचायत की दो सीटें एक ही वर्ग के लिए आरक्षित
नहीं की जा सकती। वार्ड 36 को अनुसूचित जाति से हटाकर आरक्षण सही करने की
मांग की है। कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
पट्टी
सकरावा निवासी मनोज यादव ने कहा कि क्षेत्र पंचायत बीबीपुर के संलग्न गांव
बीबीपुर, करीलासदरपुर, पट्टी पलार, जरहा में बीडीसी सीट अनुसूचित जाति के
लिए आरक्षित की गई है, जो नियमानुसार गलत है। यहां पिछड़ा वर्ग की आबादी
65, अनुसूचित जाति की 20 और व सामान्य की 15 फीसदी है। इस हिसाब से आरक्षण
पिछड़ा वर्ग के लिए होना चाहिए।