उमर्दा कस्बे में रविवार दोपहर सपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में आरोपों-प्रत्यारोपों की झड़ी लग गई। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने संगठन के बड़े पदाधिकारियों, विधायकों व राज्यमंत्री पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का आरोप जड़ा। कहा कि जनप्रतिनिधियों के संरक्षण देने के कारण ही जिले के अफसर बेलगाम हो गए हैं।
सम्मेलन में उमर्दा नहर के टूटे पुल का मुद्दा भी उठा। साथ ही उमर्दा ब्लाक का मुख्यालय उमर्दा में ही बनाने के साथ ही एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोले जाने की भी मांग रखी गई।
राजकीय इंटर कालेज के परिसर में आयोजित हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपनी भड़ास निकाली। मोना यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का रवैया यही रहा तो 2017 के चुनाव में कार्यकर्ताओं के असंतोष का सामना करना होगा। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री के पुत्र इंजीनियर अनिल पाल ने राज्यमंत्री पर भी आरोप लगाया कि उनके ढुलमुल रवैए से कार्यकर्ता नाराज है। अधिकारियों पर भी लगाम नहीं लगा पा रहे हैं।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर आए श्रम संविदा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सतीश दीक्षित ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। कहा कि उन्हें धैर्य रखना चाहिए। मौजूद जनप्रतिनिधियों से भी कहा कि वह जनता को दोष देना बंद करें। जनता सब जानती है, पर कहती नहीं। मौका मिलता तो चूकती भी नहीं।
दिल्ली का चुनाव इसका उदाहरण है। सम्मेलन के दौरान मौजूद शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, सपा के जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा, कन्नौज के पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं के असंतोष पर कहा कि जिले के तीनों विधायक, जिलाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि एक साथ बैठकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं न सुनने वाले अधिकारियों की सूची बनाएंगे।
सभी एक साथ मिलकर सीएम से इन अधिकारियों का जिले से तबादला करने की बात कहेंगे। सम्मेलन को उमर्दा प्रधान रामनरेश यादव, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राकेश यादव, महामंत्री सत्तार अली, विधानसभा प्रभारी अजय वर्मा, कंचन कनौजिया, अन्नपूर्णा राजपूत, श्रीकृष्ण यादव, श्याम सिंह यादव, संजय पाठक, इंद्रेश यादव ने भी संबोधित किया।