पेट्रोलपंप कर्मी रावेंद्र को गोली मारने वाले उसके
रिश्तेदार ही है। लेकिन पैसे की लालच में रिश्तेदारी को ताक पर रख दिया।
एसपी ने बताया कि बबलू बाथम व मंशाराम बाथम पेट्रोल पंपकर्मी रावेंद्र के
रिश्तेदार हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शव को पेट्रोल पंप पर
रखकर रोड जाम जाम के दौरान शामिल रहे।
इसके अलावा रावेंद्र के घर जाकर
संवेदना जताते रहे, ताकि कोई उनके ऊपर शक न कर सके। एसपी ने बताया कि पकड़े
गए बदमाश शातिर हैं। बबलू पर फर्रुखाबाद में लूट का मुकदमा दर्ज है, जबकि
अन्य पर कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं है। शातिर होने से इन पर गैंगस्टर व
रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, एसपी ने बताया कि बीएसएफ जवान आजाद 142
बटालियन गांधीनगर गुजरात में तैनात है। वर्तमान में छिबरामऊ में किराए के
मकान में रह रहा है। नवंबर में वह छुट्टी लेकर घर आया था। तब से वापस
ड्यूटी पर नहीं गया। बताया कि यहीं पर रहकर आलू का व्यापार करने के साथ
लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता रहा।
उधर, लंबे समय तक पेट्रोल पंप पर
सेल्समैन का काम करने वाले मंशाराम को हटाने की जानकारी पुलिस को लगी तो शक
पर उसे उठाया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने सारे राज खुलते चले गए।
इसके बाद स्वाट व सर्विलांस टीम ने उसके साथियों को धर दबोचा। पुलिस के
मुताबिक, सूचना पर सर्विलांस टीम प्रभारी तारिक खां, स्वाट टीम ने मिलकर
नंदे नगला के पास दबोच लिया।