कोतवाली में मौजूद नवजात के परिजन
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गंभीर हालत में सोमवार को जिला अस्पताल पहुंची मासूम को कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद बच्ची ने अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ दिया। परिजनों ने चिकित्सा प्रशासन पर भेदभाव और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल समेत कोतवाली पहुंच कर हंगामा किया। अधिकारियों ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिजन शांत हुए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के कुतलूपुर मकरंदनगर निवासी महेंद्र कुमार की पत्नी कंचन देवी ने 18 दिन पूर्व बच्ची के जन्म दिया था। सोमवार को अचानक बच्ची की हालत बिगड़ गई। महेंद्र कुमार परिजनों के साथ बच्ची को भर्ती कराने जिला अस्पताल में सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में ले गया। यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बाल रोग चिकित्सक के न होने का हवाला देते हए उसे कहीं और ले जाने की सलाह दी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे महेंद्र कुमार ने करीब दो घंटे तक चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सकों के आवासों तक भागदौड़ की।
इसके बाद भी उसकी बच्ची को न तो वेंटीलेटर मिला और न ही भर्ती किया गया। थोड़ी देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत होते ही परिजनों ने एसएनसीयू में हंगामा शुरू कर दिया। इससे वहां मौजूद कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और वहां भी हंगामा किया।
पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद महेंद्र कुमार ने कोतवाली पुलिस को एक चिकित्सक समेत एक स्वास्थ्य कर्मचारी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। कोतवाली आमोद कुमार ने आरोपियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन शांत हुए। वहीं, सीएमओ डा. एके पचौरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।