कन्नौज। शासन के आदेश पर शिक्षकों के 31,277 पदों की भर्ती के लिए जिले में काउंसलिंग शुरू हुई। इसमें अभ्यर्थियों को लेकर भीड़भाड़ होनी थी लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षा विभाग के इंतजाम दिखावा साबित हुए। कई काउंटर लगने के बाद भी अभ्यर्थियों को बिना मास्क व सैनिटाइजर के प्रवेश दिया। काउंसलिंग कक्ष में भी जिम्मेदार अफसरों ने शैक्षिक अभिलेख चेक करते समय उन्हें टोका नहीं। ऐसी लापरवाही कोरोना संक्रमण फैलने में घातक साबित हो सकती है।
बुधवार को शहर के पीएमएस डिग्री कालेज में 320 सहायक अध्यापक पदों के लिए काउंसिलिंग शुरू हुई। इसमें बीएसए केके ओझा, डायट प्रवक्ता सुनील चतुर्वेदी, पूर्णिमा सिंह, राजेश शर्मा समेत सभी ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारी व अन्य कर्मचारी ड्यूटी में लगे। सभी वर्ग के लिए छह काउंटर बनाए गए। इसमें महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग काउंटर था।
पीएसएम कालेज के मुख्य द्वार से लेकर काउंसलिंग कक्ष तक जगह-जगह सैनिटाइजर व थर्मामीटर की व्यवस्था की गई थी। यहां ड्यूटी में लगे कुछ कर्मी लापरवाह दिखे। इसकी वजह से काउंसलिंग कराने आए अभ्यर्थी बिना मास्क व सैनिटाइजर के कक्ष तक पहुंच गए। इस मौके पर बीईओ अरविंद कुशवाहा, शिवसिंह, अविनाश दीक्षित, ओम प्रकाश वर्मा, सुनील दुबे, पवन द्विवेदी, विमल पांडेय, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
उधर, कानपुर, मैनपुरी समेत कई दूर-दूर जिलों से आए अभ्यर्थी सुबह ही कन्नौज पहुंच गए थे। उन्हें अनुमान था कि उनकी जल्द ही काउंसलिंग हो जाएगी लेकिन दोपहर तक उनका नंबर नहीं आया था। उनसे इस बारे में पूछा गया तो बताया गया कि अफसरों ने शैक्षिक अभिलेखों में कुछ कमियां बताई है। उन्हें दूर करने की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बाद काउंसलिंग करवाएंगे। इधर, रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से रात तक अभ्यर्थियों की भीड़ बस के चक्कर में लगी रही।
गौरतलब है कि जिले में सहायक अध्यापक के 320 पदों आरक्षित हैं। इसमें सामान्य वर्ग के पुरुष में 57 में 49 काउंसलिंग में शामिल हुए। इसी तरह सामान्य महिला में 28 में 21, पिछड़ा वर्ग पुरुष में 49 में 43, महिला में 98 में 85, एससी पुरुष 66 में 54 व महिला 22 में 20 में अभ्यर्थी सम्मलित हुए। इस तरह 320 में 272 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग करवाई जबकि 48 गैरहाजिर रहे। उन्हें 15 अक्तूबर को पीएमएसम डिग्री कालेज में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।