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दुष्कर्म कांड: पीड़िता की बुआ ने वापस ली जमानत याचिका

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कन्नौज। नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित मामले में सह-आरोपी पीड़िता की बुआ की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में पेशी के दौरान, आरोपी के अधिवक्ता ने अचानक अपनी जमानत याचिका ‘नॉट प्रेस’ कहते हुए वापस ले ली। इस अप्रत्याशित कदम के बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 22 अप्रैल तय कर दी है, जिसके चलते आरोपी को कम से कम 12 दिन और सलाखों के पीछे गुजारने होंगे।
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गेरुआ वस्त्रों में पहुंची आरोपी, चर्चा का विषय बना पहनावा
कोर्ट परिसर में उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब आरोपी महिला को कड़ी सुरक्षा के बीच गेरुआ वस्त्रों में पेश किया गया। जेल से कोर्ट रूम तक महिला पुलिसकर्मियों के कड़े पहरे में आई बुआ का यह बदला हुआ स्वरूप पूरे दिन वकीलों और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र रहा। कयास लगाए जा रहे हैं कि कानूनी कार्रवाई के बीच सहानुभूति बटोरने के लिए यह पहनावा बदला गया है, हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में वह इस जघन्य अपराध की मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दर्ज है।
मुख्य आरोपी के साथ संलिप्तता के गंभीर आरोप
शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि याचिका वापस लिए जाने के कारण मेरिट पर बहस नहीं हो सकी। ज्ञात हो कि मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव पहले से ही जेल में है। पुलिस विवेचना के अनुसार, पीड़िता की बुआ ने ही किशोरी को नौकरी का झांसा देकर कॉलेज कैंपस बुलाया था और घटना के समय उसकी मौजूदगी के साक्ष्य मिले हैं।
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क्या है मामला?
यह मामला 11 अगस्त 2025 की रात का है, जब एक डिग्री कॉलेज कैंपस में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को रंगे हाथों पकड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले में डीएनए टेस्ट और सीसीटीवी फुटेज जैसे पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र को मजबूत बनाया जा सके।
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