कन्नौज। कानपुर से फर्रुखाबाद के बीच लोको का सफल ट्रायल होने के बाद कन्नौज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्टेशन को साफ-सुथरा बनाने के लिए मरम्मत व रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मॉडल स्टेशन बनाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही अन्य कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
कानपुर से फर्रुखाबाद के बीच विद्युतीकरण का कार्य इरकॉन कंपनी करीब दो वर्ष से कर रही है। कल्याणपुर से कन्नौज के बीच लोको ट्रायल व मुख्य संरक्षा आयुक्त का ट्रायल हो चुका है। 115 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाई गई और ट्रायल सफल रहा। कुछ तकनीकी खामियों के चलते कन्नौज से फर्रुखाबाद के बीच ट्रायल लटक गया था। हलांकि 23 दिसंबर को फर्रुखाबाद-कन्नौज के बीच लोको ट्रायल का परीक्षण किया गया। 90 की स्पीड से लोको को दौड़ाया गया और परीक्षण सफल रहा। मुख्य संरक्षा आयुक्त का प्रोग्राम तय होना शेष है। इसके बाद रूट पर मेमो सहित सुपर फास्ट ट्रेनों को दौड़ाए जाने की तैयारी है। उधर, कन्नौज रेलवे स्टेशन पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। स्टेशन के मुख्य गेट पर मरम्मत के अलावा रंगाई-पुताई चल रही है। मॉडल स्टेशन का दर्जा दिलाए जाने के लिए प्रयास चल रहा है। आईओडब्लू महेश चंद्र ने बताया कि रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा है। जहां पर मरम्मत की जरूरत है, ठीक कराया जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर दो पर यात्रियों को काफी असुविधा होती है। कहा कि कन्नौज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाए जाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही कई कार्य कराए जाएंगे। प्लेटफार्म नंबर दो पर फिलहाल खड़ंजा बिछा हुआ है। इसको उखाड़कर सीमेंटेंड सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे।