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Kannauj News: बिना अनुमति के लगे फिजियोथैरेपी शिविर की सूचना पर छापा

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छिबरामऊ। नगर के एक निजी गेस्ट हाउस में बिना अनुमति के चल रहे फिजियोथैरेपी शिविर की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को छापा मारा। कार्रवाई के भय से कर्मी मौके से खिसक गए। शिविर को लेकर मौजूद डाॅक्टरअभिलेख नहीं दिखाए पाए। तब स्वास्थ्य टीम ने दवा व उपकरण जब्त कर सीएचसी ले गए।
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नगर के एक निजी गेस्ट हाउस में फिजियोथैरेपी शिविर लगे होने की सूचना सीएचसी प्रभारी डाॅ. राहुल मिश्रा को दी गई। सीएमओ डाॅ. स्वदेश गुप्ता के निर्देश पर सीएचसी से डाॅ. अजय पाल व डाॅ. प्रशांत दीक्षित के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। गेस्ट हाउस में बाकायदा अस्पताल बना था। बेडों पर 25-30 मरीजों का इलाज चल रहा था। टीम की जांच पड़ताल शुरू होते ही मौजूद कर्मी खिसक गए। ओपीडी रजिस्टर चेक करने पर जानकारी हुई कि200 मरीजों को देखा गया था।
मौजूद डाक्टर से शिविर के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन वह न अभिलेख दिखा सके और न ही स्वास्थ्य महकमे व प्रशासन का अनुमति पत्र था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल मिश्रा ने बताया कि शिविर से दवा व उपकरण जब्त कर सीएचसी मंगवा लिए गए हैं। उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के साथ ही शिविर संचालक चिकित्सक से अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेख प्रस्तुत न करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे प्रांतों से भी इलाज के लिए आए थे मरीज

ओपीडी रजिस्टर चेक करने पर स्वास्थ्य कर्मी भौचक्के रहे गए। शिविर में हरियाणा, इटावा, औरैया, मैनपुरी, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, हरदोई के शिविर इलाज कराने के लिए आए थे। शिविर संचालक डाक्टर ने बताया कि फेसबुक पर शिविर का प्रचार प्रसार चलता है, जिस कारण दूरदराज से मरीज इलाज के लिए आते है। वहीं, मरीजों ने बताया कि ओपीडी में दिखाने के लिए 200 रुपये व थेरेपी के लिए 250 रुपए शुल्क जमा किया था। दवाओं का खर्चा अलग से देना पड़ता है।


स्वास्थ्य टीम ने वापस कराए पैसे

निजी गेस्ट हाउस में इलाज के लिए मौजूद भीड़ स्वास्थ्य टीम के पहुंचते ही शिविर के फर्जीवाड़े को समझ गई। मरीजों व तीमारदारों ने शिविर संचालक डाक्टर से पैसे वापस किए जाने की मांग शुरू कर दी। मामला बिगड़ता देख स्वास्थ्य कर्मी ने सभी के पैसे वापस कराए।
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