जसु दूल्हा, तस सजे बाराती कुछ ऐसी थी नगर से निकली
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की बारात। पूर्वी बाईपास से धूमधाम के साथ
बारात निकली। भव्य बारात में करीब 50 से ज्यादा मनमोहक झांकियां थी। इसके
साथ ही बैंडबाजों और डीजे की धुन पर लोग झूमते-नाचते हुए चल रहे थे।
रामबारात
का जगह-जगह स्वागत किया गया। झांकियों पर पुष्प वर्षा की गई। करीब तीन
किमी का सफर 10 घंटे में पूरी हुआ। राम बारात में कई देवी-देवताओं की
झांकियां लोगों को लुभा रही थी। बारात देखने के लिए मुख्य मार्ग पर उमड़े
जनसैलाब से पैर रखने की जगह नहीं थी।
राम की बारात के स्वागत में पूरा नगर
विद्युत झालरों से सजाया गया था। पालिका ने सुबह के बाद शाम को भी विशेष
रूप से सफाई अभियान चलाकर सड़क के दोनों तरफ चूना डलवाया था। देर रात नौ
बजे पूर्वी बाईपास पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ललू,
महामंत्री मनोज दुबे, कोषाध्यक्ष डा. प्रदीप सिंह, सह कोषाध्यक्ष कौशलेंद्र
सिंह उर्फ श्यामू चौहान, दिलीप गुप्ता, अनुराग त्रिपाठी आदि कई पदाधिकारियों ने श्रीराम
की आरती उतारी और बारात को रवाना किया।
रविवार की सुबह पांच बजे बारात
विशुनगढ़ रोड स्थित रामलीला मैदान पहुंची, जहां जयमाल कार्यक्रम के बाद
विवाह की रस्में पूरी कराईं। इस दौरान दूल्हा बने रघुरइया, जनकपुर में बाजे
बधइया, आज मेरे राम की शादी है, राघव धीरे चलो रे ससुराल गलियां, आज
मिथिला नगरिया निहाल सखियों आदि गीतों पर पदाधिकारियों ने जमकर नृत्य किया।
उधर, रामबारात में उमड़ी भीड़ और पुलिस बल की
कमी का फायदा गिरहकटों ने उठाया। जेबकतरों ने भीड़ में घुसकर लोगों की जेब
काट ली। कई लोगों के पर्स पार कर दिए तो कई के मोबाइल उड़ा दिए। वहीं राम
बारात में शामिल बालाओं के नृत्य की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रही।