हजरत सैयद बाबा रहमतुल्लाह अलैह का 38वां उर्स वैसापुर रजईमऊ ठकुराइन नजरापुर में धूमधाम से संपन्न हुआ। इस दौरान बाबा की मजार पर गागर और चादर चढ़ाने का दौर चला। रात में जवाबी कव्वाली मुकाबला का आयोजन किया गया। इसमें रेडियो टीवी के कलाकारों ने पूरी रात कव्वालियां सुनाकर लोगों का मन मोह लिया।
उर्स में कव्वाला निकहत परवीन ने सुनाया, मेरे हाथों में कमलीवाले के कदमों की धूल है, मुझ पर मेहरबानी रसूल की है, क्या बिगाड़ेंगे जमाने वाले, मेरे ख्वाजा हैं मुझको बनाने वाले सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। अजमेर नगर के राजाजी, मेरे वली के ख्वाजा जी, हैं ख्वाजा मेरी सुनने वाला सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी।
वहीं कव्वाल अहमद रजा वारसी ने दिल की लगी है क्या ये जरा दिल लगाकर देख, आंसू बहाकर देख, यह राज जानना है तो खुद को जलाकर देख सुनाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। दूर पर्वत से जा रहा है कोई, सूने पर्वत को जगा रहा है कोई, ऐसा लगता है कि मुझको बुला रहा है कोई और चस्म बड़े नमकीन हो जाए, ईद से पहले ईद हो जाए, जो भी देखे मेरे सैयद बाबा को वह उनका मुरीद हो जाए, कव्वाली भी सराही गई। उर्स के दौरान आसपास गांवों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। अहमदपुर रौनी, वैसापुर पट्टी, नजरापुर, खालेपुरवा, बंशीपुरवा, महचंदापुर, बिलंदापुर समेत आसपास दर्जनं गांवों के लोग कव्वाली मुकाबला सुनने पहुंचे।
कार्यक्रम के आयोजक सुनील कुमार तिवारी, प्रबंधक मो. जिब्राइल, मो. इस्माइल, ब़ृजेश कुमार सविता, अरुण प्रताप, मो. नेबुद्दीन, सरमन, चांद आलम, तातार खां, अंकित ठाकुर, मो. सुलेमान, मो. रिजवान आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। कार्यकारिणी अध्यक्ष शकंतला तिवारी, अरविंद सिंह, मो. शानू, मो. यूनुस, मो. आलम, कालूराम शर्मा आदि ने अमन-चैन की दुआ मांगते हुए मिल-जुलकर रहने की अपील की।
नेताओं की वादाखिलाफी पर जताई नाराजगी
उर्स के आयोजकों ने मजार तक जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण न होने पर नाराजगी जताई। मंच से आयोजक सुनील तिवारी ने कहा कि तत्कालीन सांसद अखिलेश यादव ने उर्स के दौरान आर्थिक मदद दी थी। इसके अलावा विधायक व सपा नेताओं ने रोड बनवाने के वायदे किए थे, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद नतीजा जीरो है। रास्ते पर जगह-जगह जलभराव हो जाता है। ऊबड़र-खाबड़ रास्ता होने के कारण मेले में आने वाले जायरीनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उर्स कमेटी ने जनप्रतिनिधियों से अपने वायदे निभाने की मांग की है।