कन्नौज। विश्व में खेले जाने वाले शतरंज के ईजाद की खोज करने वाली जर्मनी की संस्था चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च के संस्थापक और प्रतिनिधियों का संग्रहालय में स्वागत किया गया। संस्था के संस्थापक ने अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की तैयारियों का जायजा लिया।
विश्वस्तरीय शतरंज के ईजाद को लेकर चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च संस्था जर्मनी के संस्थापक मैनफ्रेड एजे इडर ने 50 देशों में प्रतिनिधियों की मदद से 20 साल पहले शोध किया था। 2019 में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के इस खेल की शुरुआत करने के साक्ष्य सामने आए थे। इससे उन्होंने कन्नौज में पुरातत्व विभाग की मदद से 27 और 28 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय शतरंज सेमिनार का आयोजन रखा है। बुधवार को नई दिल्ली से मैनफ्रेड एजे इडर छह प्रतिनिधियों के साथ शहर के आशा होटल पहुंचे। इसके बाद भारतीय पुरातत्व संग्रहालय गए। यहां संग्रहालय अध्यक्ष दीपक कुमार ने स्वागत किया।
इडर ने सेमिनार को लेकर तैयारियों का जायजा लिया। संग्रहालय अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक संग्रहालय के हाल में सेमिनार होगा। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे सेमिनार के समापन के बाद संस्था के लोग राजा जयचंद के किले, बालापीर, मखदूम जहानिया का भ्रमण करेंगे। संस्था के संस्थापक एजे इडर ने बताया कि उन्होंने क ड़ी मेहनत से शतरंज पर शोध किया है। सातवीं सदी में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन ने इसकी शुरुआत की थी।
पुस्तक का होगा विमोचन
अंतरराष्ट्रीय शतरंज सेमिनार के मौके पर तिर्वा में रहने वाले इतिहासकार सुदीप की पुस्तक भारतीय कला में शुंग कालीन मूर्तिकला का पुरा वैभव का विमोचन भी होगा। पुस्तक में शुंग कालीन मूर्तिकला के बारे में जानकारी दी गई है। इतिहासकार सुदीप ने बताया कि शुक्रवार को डीएवी कालेज के डॉ. अविनाश मिश्रा के साथ चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च संस्था जर्मनी के संस्थापक और प्रतिनिधि पुस्तक का विमोचन करेंगे।
सांसद के साथ डीएम और एसपी भी करेंगे शिरकत
सेमिनार में शहर के इतिहासकारों, विद्वानों के साथ सांसद सुब्रत पाठक, डीएम राकेश कुमार मिश्रा और एसपी अमरेंद्र प्रसाद भाग लेंगे। सबसे पहले संस्था के संस्थापक शतरंज पर हुए शोध के बारे में जानकारी देंगे। सी पांडुरंगा भट्ट अंग्रेजी और जर्मन भाषा का हिंदी में अनुवाद करेंगे।
शोधकर्ताओं से चर्चा के लिए दिया आमंत्रण
चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च संस्था जर्मनी के संस्थापक ने शोधकर्ताओं को आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि अगर किसी ने कोई शोध किया है तो वह चर्चा के लिए आमंत्रित है।