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115 किमी की रफ्तार से फर्रुखाबाद से कन्नौज के बीच दौड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन

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कन्नौज रेलवे स्टेशन पर करंट का ब्रेक डाउन चेक कराते रेल संरक्षा आयुक्त व डीआरएम। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। पूर्वोत्तर रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त व इज्जतनगर बरेली के डीआरएम ने बुधवार को विशेष गाड़ी से विद्युतीकरण का निरीक्षण करने के साथ गति परीक्षण का ट्रायल लिया। फर्रुखाबाद से कन्नौज तक इलेक्ट्रिक ट्रेन ने 115 की स्पीड में 58 किलोमीटर का सफर 40 मिनट में तय किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल सफल रहा है। सीआरएस की रिपोर्ट के बाद रेलवे बोर्ड इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार करेगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त मो. लतीफ खान व डीआरएम सुबह करीब साढ़े दस बजे सड़क मार्ग से कन्नौज रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से विशेष निरीक्षण गाड़ी से फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुए। रास्ते में हाई वोल्टेज, अर्थिंग, तार के खिंचाव, ब्रैकेट, इंसूलेटर सहित अन्य बारीकियों को प्रमुखता से देखा। इरकॉन कंपनी के अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। स्पीड ट्रायल के बाद कन्नौज रेलवे स्टेशन पहुंचने पर ब्रेक डाउन कराकर देखा। इस मौके पर पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर से मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आलोक कुमार शुक्ला, मुख्य इंजीनियर व निर्माण आशुतोष मिश्रा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/ टीआरडी सतेंद्र सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (इरकान) हर्ष खरे सहित इज्जतनगर मंडल शाखा अधिकारी, डीआरएम पीआरओ राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
432.99 करोड़ की मिली थी स्वीकृति
मथुरा से कल्याणपुर तक विद्युतीकरण का कार्य कराया गया है। मथुरा-कासगंज-कल्याणपुर रेल खंड 338 किलोमीटर है। विद्युतीकरण के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में 432.99 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। इस कार्य को मैसर्स इरकान इंटरनेशनल लिमिटेड को सौंपा गया था।
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इन रेल खंडों का हो चुका है सीआरएस निरीक्षण
रेल संरक्षा आयुक्त ने 29 मार्च 2019 को मथुरा जंक्शन से मेंडू 48 किलोमीटर, 14 मई 2019 को मेंडू से दरियावगंज 108 किलोमीटर, दरियावगंज से फर्रुखाबाद 56 किलोमीटर व 20 अगस्त को 2019 को कन्नौज-कल्याणपुर 68 किमी रेल खंड का निरीक्षण किया है।
नेकपुर चौरासी पुल पर कॉशन से गुजरेंगी गाड़ियां
निरीक्षण के बाद कन्नौज पहुंचे सीआरएस ने पत्रकारों के जवाब में बताया कि ट्रायल सफल रहा है। कन्नौज-फर्रुखाबाद के बीच कुछ जगहों पर सुधार की जरूरत है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। नेकपुर चौरासी के समीप पुल नीचा होने से इलेक्ट्रिक ट्रेन कॉशन देकर निकाली जा सकेंगी। दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
रेलवे बोर्ड तय करेगा मेमू ट्रेनों का संचालन
डीआरएम दिनेश सिंह ने बताया कि सीआरएस का ट्रायल सफल रहा है। ट्रेन को 115 की स्पीड से दौड़ाकर देखा गया। सीआरएस की रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। इसके बाद सुधार कराए जाएंगे। सीआरएस को दोबारा रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट सीआरएस की ओर से रेलवे बोर्ड को जाएगी। इसके बाद बोर्ड आगे की कार्ययोजना तय करेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे का प्रयास है कि रूट पर जल्द इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ सकें। मेमू चलाए जाने के बाबत कहा कि यह रेलवे बोर्ड तय करेगा।
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