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दलहनी फसलों पर कोहरे की मार

Sat, 10 Dec 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज।
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खेत में खड़ी अरहर की फसल। - फोटो : अमर उजाला
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समय से पहले पड़ रहे घने कोहरे की मार से दलहनी फसलों का उत्पादन कम होने के आसार नजर आ रहे हैं। किसान परेशान हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस कोहरे से जहां गेहूं को फायदा होगा तो वहीं दलहनी, तिलहनी फसलों और आलू को नुकसान है।

इस बार दिसंबर माह के शुरूआती दिनों में ही घने कोहरे की चादर है। ऐसे में कोहरे का सबसे अधिक असर दलहनी और तिलहनी फसलों पर पड़ेगा। कोहरे के कारण खेत में खड़ी सरसों पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है वहीं आलू भी इस कोहरे की मार से बेजार हो रहा है। क्षेत्र के किसान महेंद्र प्रताप सिंह सेंगर का कहना है कि कोहरे के चलते आलू की बेल पीली पड़ रही है। बाद में झुलसा भी लग सकता है, जिससे आलू का उत्पादन प्रभावित होगा।
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ग्राम खगू नगला निवासी किसान राजेंद्र सिंह चंदेल का कहना है कि इस समय अरहर में फूल आ रहा है। कोहरे की वजह से फूल विकसित नहीं हो पा रहा है। जिससे अरहर की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। ग्राम हाथिन निवासी किसान वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कोहरे के चलते चना में भी उखटा लगने की संभावना है। कोहरे के चलते चने का फूल मुरझा जाता है और उसमें फली नहीं आती है। ऐसे में चने का भी उत्पादन कम होगा। ग्राम कपूरपुर निवासी किसान एजाज खां ने बताया कि कोहरे से केवल गेहूं की फसल को फायदा हो रहा है, जबकि अन्य फसलों में नुकसान की संभावना अधिक है। इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अमर सिंह ने बताया कि कोहरे का प्रभाव कम करने के लिए किसान अपनी फसलों में लगातार पानी देते रहे। पानी के वाष्पन होने से कोहरे का असर कम होगा।
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