स्वीकृत ट्रांसफार्मर नहीं लगाने से भड़के अतिराजपुर के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह बहवलपुर बिजलीघर में ताला डाल कर दिन भर मेन गेट पर धरना दिया। इससे एक सैकड़ा से अधिक गांवों की बिजली ठप रही। विद्युत विभाग का कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। देर शाम सात बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर लगवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई।
गांव के तमाम लोग सुबह साढ़े दस बजे बिजलीघर पहुंच गए। उन्होंने यहां से निकले तीनों फीडरों कसावा, खोजीपुर और विशुनगढ़ की बिजली बंद करा दी। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात एसएसओ अनिरूद्ध बिजलीघर से निकाल कर मेन गेट में ताला डाल दिया। प्रदर्शन के बाद मेन गेट के पास ही दरी बिछाकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए।
देर शाम तक उनकी फरियाद सुनने बिजली विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान राजीव त्रिपाठी, भगत तिवारी, विद्याप्रकाश, वेदप्रकाश, रामगोपाल, हरनरायन, रामानंद, सूरजप्रसाद, अजेंद्र, हरिसुमिरन, रामसागर और रामलड़ैते आदि का कहना था विद्युत विभाग से काफी पहले से स्वीकृत 100 केवीए नया ट्रांसफार्मर आज तक नहीं लगाया गया।
साथ ही 15 दिन पहले फुंका 100 केवीए ट्रांसफार्मर भी नहीं बदला गया। धरना-प्रदर्शन की सूचना पाकर एसडीएम रामबहादुर वर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की समस्या सुनी। ग्राम प्रधान राजीव त्रिपाठी के साथ वह अतिराजपुर गांव गए और वहां मौका मुआयना किया। वहां से लौटकर धरना पर बैठे ग्रामीणों से उन्होंने कहा कि उनकी मांग जायज है।
सीओ वीपी सिंह सोलंकी अवकाश पर हैं। उनके लौटते ही सोमवार को पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गांव में ट्रांसफार्मर रखवाने का कार्य कराया जाएगा। इस बारे में एसडीओ सुधांशू श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है। समस्या की जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर के आदेश पर भी कार्रवाई नहीं
छिबरामऊ। अतिराजपुर के ग्रामीणों का कहना था 16 जून के तहसील दिवस में आए कमिश्नर को प्रार्थनापत्र देकर ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की थी। तब कमिश्नर ने वहां मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्या तत्काल हल करने के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।