कस्बे से तालग्राम इंदरगढ़ सड़क पिछले दो वर्ष से खस्ताहाल है। इससे आवागमन दुश्वार है। लोगों ने सड़क निर्माण को लेकर कई बार आंदोलन किए। जिला प्रशासन ने सिर्फ आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। बुधवार को एक बार फिर लोगों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंप कर दोबारा अनशन करने की चेतावनी दी।
तालग्राम-इंदरगढ़ मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर 17 दिसंबर से तालग्राम तिराहा पर ग्राम पलिया निवासी आदेश कुमार द्विवेदी ने पहले तो क्रमिक अनशन किया था। सुनवाई न होने पर तीन दिन बाद उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। इस आंदोलन में नेशनल मोटर यूनियन के पदाधिकारियों ने भी पूरा सहयोग किया और दो दिन तक बसों का पूरी तरह चक्का जाम रखा था।
आंदोलन की भनक लगते ही अपर जिलाधिकारी रमेशचंद्र यादव अनशन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने अनशनकारी आदेश कुमार द्विवेदी को आश्वासन दिया था कि 20 जनवरी तक हरहाल में सड़क का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद अनशन समाप्त कर दिया गया था। समय बीतने के बाद अभी तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया है।
जिससे आम-जनमानस को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। खस्ताहाल सड़क पर पड़ी गिट्टी वाहन के टायरों के नीचे आकर राहगीरों और दुकानदारों के उछलकर लगती है।
बुधवार को आदेश कुमार द्विवेदी क्षेत्र के मोहम्मद शाहद्दीन, राजकुमार, कृष्णकांत, अशोक कुमार दुबे, रमाकांत दुबे, संजय यादव, अब्दुल रहमान हुसैन, समशुद्दीन, विमल मिश्रा, संजय कुमार और धर्मवीर यादव आदि के साथ तहसील पहुंचे। इन लोगों ने वहां मौजूद मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव को तालग्राम-इंदरगढ़ मार्ग का निर्माण शुरू कराए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।