तालग्राम। धार्मिक स्थल पर प्रतिबंधित मांस मिलने पर दो संप्रदायों में वर्ष 2022 में दंगा भड़क गया था। प्रधान तोताराम शर्मा पर साजिश के तहत दंगा फैलाने और आगजनी व तोड़फोड़ कराने के गंभीर आरोप लगे थे। पुलिस ने उन्हें गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर भी घोषित किया था। गैंगस्टर के मामले में बरी होने के बाद प्रधान की 11.80 करोड़ की संपत्ति को गुरुवार को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने रिलीज कर दिया।
16 जुलाई 2022 को तालग्राम क्षेत्र के रसूलाबाद गांव के एक मंदिर में प्रतिबंधित पशु का सिर और मांस पड़ा मिला था। इसको देखने के बाद वहां के लोगों में आक्रोश फैला और दो समुदायों के बीच दंगा भड़क गया था। गुस्साई भीड़ ने तालग्राम कस्बे में तोड़फोड़ करते हुए कुछ दुकानों में आग लगा दी थी। दंगे का संज्ञान लेते हुए शासन ने तत्कालीन डीएम राकेश कुमार मिश्रा और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश श्रीवास्तव को लापरवाही बरतने के मामले में हटा दिया था, जबकि तालग्राम के तत्कालीन थाना प्रभारी हरिश्याम सिंह समेत दो एसआई को निलंबित कर दिया गया था।
दंगे में कुशलपुरवा गांव निवासी प्रधान तोताराम शर्मा को आरोपी बनाया गया था। उनके ऊपर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई, जिसमें तीन अप्रैल 2023 को 11.80 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क की गई थी। नायब तहसीलदार हिमांशु प्रभाकर, राजस्व निरीक्षक सतेंद्र शुक्ला, लेखपाल शेख गुलफाम हुसैन ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर संपत्ति रिलीज आदेश प्रधान को सौंपा और दुकानों का ताला खोल दिया। प्रधान तोताराम शर्मा ने बताया कि उनकी व पत्नी उमा शर्मा की कुर्क अंचल संपत्ति दोबारा प्राप्त हो गई है। थाना प्रभारी शशिकांत कनौजिया का कहना है कि गैंगस्टर के आरोपी में बरी हो गए हैं। उसके तहत जो संपत्ति कुर्क की गई थी। वह डीएम न्यायालय के आदेश पर रिलीज हो गई है।