सौरिख(कन्नौज)। एक ओर शासन और प्रशासन, गोशालाओं में रह रहे अन्ना मवेशियों की सुरक्षा के लिए जद्दोजहद में जुटा है। वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत है। क्षेत्र की गोशालाएं खाली पड़ी हुई हैं, मवेशी कड़ाके की सर्दी में भी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं।
अन्ना मवेशियों की सुरक्षा के लिए डीएम रवींद्र कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है। डीएम के निर्देशानुसार यदि अन्ना सड़कों पर घूमते मिले, या फिर सर्दी में मृत्यु हुई तो इसके लिए ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके बाद भी कर्मचारियों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है। हालत यह है कि छुट्टा घूमने जानवरों के बनी गोशालाएं खाली पड़ी हुई और अन्ना पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। ग्राम पंचायत आरिफपुर में लाखों की लागत से गोशाला तैयार करवाई गई थी। अन्ना पशुओं के सभी सुविधाएं होने के बाद भी यहां एक भी मवेशी नहीं है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत रसूलपुर में बनी गोशाला अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। ऐसी हालत में अन्ना पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी प्रेमचंद्र आर्य ने बताया कि ग्राम प्रधान श्यामा देवी का बैंक में खाता न खुलने के कारण धनराशि मुहैया नहीं हो पाई है, जैसे ही खाता खुल जाएगा, गौशाला भी चालू करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एक भी अन्ना पशु सड़कों पर नहीं घूम रहे हैं, जो इधर-उधर घूम रहे हैं, वह दूसरे क्षेत्रों से आकर अपना बसेरा बना रहे हैं।