प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल तिवारी ने शुक्रवार को
सांसद डिंपल यादव द्वारा गोद लिए गए गांव सैयदपुर सकरी में चौपाल लगाकर
जनता की समस्याएं सुनीं, वहीं लोहिया गांव तारमऊ गढ़ी का निरीक्षण कर विकास
कार्यों की जमीनी हकीकत जांची।
इस दौरान मनरेगा समेत अन्य योजनाओं में
कागजों में पूरे और कुछ कार्य जमीन पर अधूरे मिलने पर जांच कराकर ग्राम
सचिव से लेकर बीडीओ समेत जो भी जिम्मेदार निकले उसके खिलाफ प्रतिकूल
प्रविष्टि देने के निर्देश डीपीआरओ को दिए। प्रमुख सचिव पंचायती राज
शुक्रवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, डीपीआरओ जेके केसरवानी, बीडीओ सदर
साधना दीक्षित समेत कई विभागों के अफसरों के काफिले के साथ सैयदपुर सकरी
गांव पहुंचे। यहां चौपाल लगाई।
इस दौरान ग्रामीण हाजी नूरहक, मो. अली आदि
ने कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए। कहा कि प्रधान अपने चहेतों के
मोहल्लों में ही काम करा रहे हैं। इस पर प्रधान समर्थक अफरोज ने एतराज किया
और शिकायत को झूठा बताया। इस बात को लेकर प्रमुख सचिव के सामने ही
ग्रामीणों के दो पक्षों में नोकझोंक होने लगी।
इस पर अधिकारियों ने
हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। वहीं प्रमुख सचिव ने गांव गदनपुर नरहा का
निरीक्षण किया। यहां शवदाह गृह का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराने को कहा।
इस गांव में विकास के कुछ कार्य जमीन पर अधूरे मिलने पर नाराजगी जताई। इसके
लिए जिम्मेदार लोगों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई का फरमान
सुनाया।
वहीं लोहिया गांव तारमऊ गढ़ी में सीसी रोड उखड़ी व गिट्टी नजर आई।
इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए ग्राम सभा के सचिव व प्रधान को फौरन रोड
की दशा ठीक कराने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने सर्किट हाउस में बीडीओ,
एडीओ, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संग बैठक ली। इसमें काम अधूरा मिलने
पर चिंता जताई और स्वच्छता संबंधी दिया गया कार्य पूरा न करने तक आठ खंड
प्रेरकों का वेतन रोकने के आदेश दिए।