तिर्वा। डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस अटेंडेंस प्रणाली शुरू करने के बाद अब मेडिकल कॉलेज में कार्यरत संविदा कर्मियों की कार्यप्रणाली पर जर रखी जा रही है।
कॉलेज प्रशासन को लगातार इमरजेंसी वार्ड और अन्य विभागों में तैनात कर्मियों की लापरवाही को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इमरजेंसी वार्ड का आलम यह कि कई बार ऐसा देखा गया है कि मरीज के साथ आया तीमारदार खुद ही स्ट्रेचर से उसे वार्ड तक ले जाता है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते लापरवाह कर्मचारियों की पहचान शुरू कर दी है।
सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विभिन्न सेवाओं के लिए एजेंसी के माध्यम से 374 संविदा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें से कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हैं, जिसकी निगरानी प्रशासन ने गुप्त रूप से शुरू की है। जल्द ही एजेंसी को पत्र भेजकर इनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं है। लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।