तीन माह की गर्भवती विवाहिता ने अधिक रक्तस्राव के चलते उपचार के दौरान सैफई मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। पिता ने दहेज के लिए पुत्री की हत्या की बात कहते हुए दामाद के खिलाफ कोतवाली पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हरदोई जनपद के थाना अरबल के ग्राम भुलभुलियापुर निवासी वीरपाल शंखवार ने पुत्री आरती का विवाह करीब दस माह पहले गुरसहायगंज कोतवाली के ग्राम मकदूमपुर निवासी आलोक शंखवार के साथ किया था। आलोक ने बताया कि शादी से पहले ही उनकी पत्नी बीमार रहती थी। यह बात उसके मायके वालों ने छुपाई थी। शादी के थोड़े दिन बाद बीमारी के चलते उसने कई स्थानों पर पत्नी का इलाज कराया था। इसके बाद पत्नी के तीन माह का गर्भ होने के बाद करीब पंद्रह दिन पूर्व वह फिर बीमार हो गई। उसे कानपुर आदि ले गए। सूचना पर उसके पिता भी साथ में रहे और कानपुर में उपचार में सुधार न मिलने पर पत्नी को सैफई मेडिकल कालेज ले गए। जहां कई दिनों का उपचार चलने के बाद शनिवार की देर रात दम तोड़ दिया।
पत्नी की मौत के बाद वह शव को लेकर घर आ गया। उसके ससुर ने दहेज की मांग को लेकर आरती की हत्या की बात कहकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाल अमर पाल सिंह ने मृतका के पिता और पति दोनों से पूछताछ की और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।