बिजली विभाग में ठेका पर काम करने वाले कर्मचारियों ने मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने एसी के खिलाफ नारेबाजी की। पूरे दिन हंगामा होता रहा लेकिन कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने सुनवाई न होने पर डीएम से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
उप्र राज्य विद्युत परिषद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल मिश्रा के नेतृत्व में ठेका कर्मचारी सुबह टेंट लगाकर एसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री देवेंद्र पांडेय ने कहा कि शासन ने संविदा कर्मचारियों के हित में आदेश जारी किए थे, लेकिन अधीक्षण अभियंता उनका कोई पालन नहीं करा रहे हैं।
हर संविदा कर्मचारी को चेक के माध्यम से भुगतान होना चाहिए। हर कर्मचारी का बीमा कराया जाए। उनके खाते में ईपीएफ कटौती का पैसा जमा कराया जाए। फाल्ट का काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाएं। कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाए। काम करने के दौरान दुर्घटना होने पर कर्मचारी को दुर्घटना हित का लाभ मिलना चाहिए। लेकिन इसका पालन जिले में नहीं हो रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी संविदा कर्मचारियों का शोषण व करोड़ों का घोटाला कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अकुशल कर्मचारी को हर महीने 6734 रुपये, अर्द्ध कुशल कर्मचारी को 7404 रुपये, कुशल कर्मचारी को 8298 रुपये मिलना चाहिए। लेकिन जनपद में ऐसा नहीं हो रहा है। ठेकेदार संविदा कर्मचारियों का हक डकार रहे हैं। हर महीने भुगतान भी समय से नहीं होता है। कई-कई महीने का भुगतान बाकी है। मांगने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलती है। अब इस उत्पीड़न के खिलाफ आर-पार की जंग होगी। प्रदर्शन के दौरान सरमन कुशवाहा, सरमन शर्मा, अखिलेश, भरत, सुनील पाल, रामनाथ, अवधेश आदि मौजूद रहे।