आलू किसानों की मुसीबतें कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं। गुरुवार की सुबह अचानक कोहरे के साथ पाला गिरने लगा। पाला गिरता देख आलू किसान एक बार फिर परेशान दिखाई दे रहे हैं। कोहरे और पाले के कारण किसान आज खेतों में आलू की खोदाई नहीं कर सके हैं।
आलू किसानों राधेश्याम कनौजिया, विनोद तिवारी ने बताया कि बुधवार को मौसम खुला था वहीं आलू के भाव भी चढ़े थे। जिसके चलते उन्होंने बाजार को देखते हुए आलू की खोदाई करा दी थी। इधर, बाजार तो ठीक है लेकिन पाले के कारण वह आज अपना आलू नहीं खोद पा रहे हैं। पाले और कोहरा का यही हाल रहा तो आलू पर झुलसा व परपरा रोग पकड़ लेगा। जिससे आलू की बाढ़ मर जाएगी। इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा। किसान पंकज कठेरिया, सुनील विश्वास कहते हैं कि मौसम न खुला तो परपरा रोग आलू को बर्बाद कर देगा। एक दो दिन के अंदर आलू पर दवा का छिड़काव कराना पड़ेगा।
कोट
कोहरे की मार से बचने के लिए किसान भाई आलू के खेत में पानी अवश्य लगाएं। आलू में झुलसा रोग नजर आए तो मैंकोजेब का 0.2 प्रतिशत घोल दो ग्राम प्रतिलीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। यह छिड़काव आठ से 10 दिन के अंतराल पर करें। फसल पर अत्यधिक झुलसा नजर आए तो मेटालेक्सिल का 0.25 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें। - डा. राजवीर सिंह (सीएसए, तकनीकी मौसम अधिकारी)
20 रुपये नीचे गिरा आलू का पैकेट
आलू के बाजार में रोजाना उतार चढ़ाव बना हुआ है। पिछले तीन दिन से 240 रुपये पैकेट में चल रहा आलू भाव गुरुवार को 210-220 रुपये पैकेट बाजार में बिकता नजर आया। एक ही दिन में आलू के दाम में 10 रुपये गिरावट हुई है। यह गिरावट मौसम व बाजार में आलू की आवक अधिक हो जाने से हुई है।