मंगलवार की दोपहर तेज आंधी और ओलों के साथ हुई बारिश
से दर्जनों पोल धराशाई हो गए। पेड़ों की डालें गिरने से एचटी लाइनें टूट
गई। इसके कारण सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। छिबरामऊ। मौसम
ने मंगलवार की दोपहर अचानक करवट बदली। तेज हवाओं के साथ अंधेरा छाने लगा।
धूल भरी आंधी-तूफान के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसके साथ ही जमकर ओले
गिरे। आंधी-पानी और ओलों से आलू और सरसों की फसल पूरी तरह चौपट हो गई। कई
जगह पेड़ गिरे। इसके अलावा आधी-पानी से दर्जनों बिजली के पालों के धराशाई
होने से बिजली आपूर्ति भी जहां ठप हो गई, वहीं शीतलहर से सर्दी भी बढ़ गई।
मंगलवार
की दोपहर करीब एक बजे आसमान में बादल मंडराने लगे। इससे पहले की लोग कुछ
समझ पाते अंधेरा छा गया। काली आंधी के साथ बारिश होने लगी। इसके साथ ही
ओलों की बौछार शुरू हो गई। धूल भरे तेज तूफान की चपेट में आकर कई जगह पेड़
उखड़ गए। घरों, दुकानों के बाहर पड़े छप्पर और टीन शेड उड़कर दूर जा गिरे।
आवागमन बाधित हो गया। काली घटाएं छा जाने से दोपहर में रात नजर आने लगी।
हाईवे पर चालकों को अपने वाहनों की लाइटें जलाकर चलना पड़ा। रुक-रुक कर हुई
बारिश देर शाम तक हुई। आंधी-पानी और ओलों से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो
गया। वहीं आलू और सरसों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई।
मौसम के इस
मिजाज से क्षेत्र का किसान पूरी तरह तबाह हो गया। क्षेत्र में कई जगह पेड़
उखड़कर गिर गए। क्षेत्र के किसानों रामसनेहा, दाताराम, दयाशंकर, हरीओम,
सोनेलाल, राधेश्याम, सीताराम, घनश्याम, मनोहरलाल आदि का कहना है कि पहले
बेमौसम बारिश हुई थी तब फसलें चौपट हुई थी।
इसके बाद सूखे की मार झेलनी
पड़ी और फिर रही-सही कसर मंगलवार को अचानक बेमौसम आए तूफान ने पूरी तरह
बर्बाद करके रख दिया। आज के तूफान से आलू और सरसों की फसल पूरी तरह चौपट हो
गई। उधर, तेज आंधी और ओलों के साथ हुई बारिश से दर्जनों पोल धराशाई हो गए।
पेड़ों की डालें गिरने से एचटी लाइनें टूट गई।
इसके कारण सैकड़ों गांवों
की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बहवलपुर सब स्टेशन के जेई अवनीश कुमार ने
बताया कि सधू नगला में पोल गिर गया। रंधीरपुर और खोजीपुर में 11 हजार केवी
की एचटी लाइनें पेड़ की डाल गिरने से टूट गई। तीनों फीडर बंद होने से
सैकड़ों गांवों में अंधेरा है। आपूर्ति बहाल करने में दो-तीन दिन का समय लग
सकता है।
उधर, सौरिख के ग्रामीण क्षेत्र में भी काफी नुकसान हुआ है।
हालांकि, देर शाम 33 केवी सब स्टेशन तक आपूर्ति बहाल हो चुकी थी, पर
जगह-जगह एचटी लाइनें टूटने और पोल गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति
पूरी तरह ठप हो गई। इससे यहां के भी सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए।