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पूरी क्षमता से क्यों नहीं चल पा रहा काऊ मिल्क प्लांट...जवाब नहीं दे पाए अफसर

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क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी संजय सिन्हा से जानकारी लेते नोडल अधिकारी अनिल गर्ग और जिलाधि? - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। उमर्दा में 141 करोड़ की लागत से बने यूपी के इकलौते काऊ मिल्क प्लांट के संचालन में अफसरों की लापरवाही सामने आई है। काऊ मिल्क प्लांट को चलाने में कभी सड़क तो कभी बिजली की समस्या बताने वाले प्लांट के अफसरों को नोडल अफसर अनिल गर्ग ने फटकार लगा दी। निरीक्षण के दौरान पता चला कि प्लांट तक दूध आने में प्रचार प्रसार की कमी है। 14 जिले तो छोड़ो, कन्नौज के कई पशु पालक तक यहां दूध नहीं ला रहे हैं। नोडल अफसर ने प्लांट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीएम के साथ बैठक कर एक सप्ताह में कमियों को सूचीबद्ध कर रिपोर्ट उन्हें भेजें।
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जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए नोडल अधिकारी अनिल गर्ग ने डीएम रवींद्र कुमार, सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, एसडीएम सदर शैलेश कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ उमर्दा बढ़नपुर वीरहार स्थित काऊ मिल्क प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ट्रेटा पैक चालू होने की दशा में प्रतिदिन की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराएं। क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी संजय सिन्हा ने बताया कि प्लांट में तैयार उत्पादों का वितरण कानपुर और फर्रुखाबाद में किया जा रहा है। प्रतिदिन आठ हजार लीटर दूध आ रहा है। क्षमता एक लाख लीटर की है।
नोडल अफसर ने सवाल दागा कि एक लाख लीटर दूध क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रहा। इस पर अफसर एक दूसरे का मुंह ताकने लगे। नोडल अफसर ने चेताया कि लापरवाही और बहानेबाजी छोड़कर ईमानदारी से काम करें।
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उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय, बाहरी और क्षेत्रीय दूध विक्रेताओं को भी गाय के दूध से तैयार उत्पात उपलब्ध कराएं। इससे कि स्थानीय जनता भी अपनी आय में बढ़ोतरी कर सके। उन्होंने जिले में सेल प्वाइंट बनाने के लिए कानपुर के अफसरों से मदद लेने के लिए कहा। साथ ही काऊ मिल्क प्लांट को पूरी क्षमता से चलाने में आने वाली कमियों को सूचीबद्ध कर एक सप्ताह में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काऊ मिल्क प्लांट का प्रचार प्रसार किया जाए। ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों से दूध की खरीद की जाए।
एक्सीलेंस सेंटर फॉर वेजीटेबल के लिए मांगा गया बजट
नोडल अधिकारी अनिल गर्ग और जिलाधिकारी रवींद्र कुमार उमर्दा में बने एक्सीलेंस सेंटर फॉर वेजीटेबल के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां टमाटर, रेड कैबिज, बैगन, गोभी आदि सब्जियों के पौधों के रखरखाव और अधिकतम उत्पादन के संबंध में जानकारी ली। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पर्याप्त व्यवस्था हो जाए तो उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकती है। केंद्र को करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। बजट के अभाव में पांच एकड़ भूमि पर ही सब्जी का उत्पादन किया जा रहा है। इस पर नोडल अफसर ने निर्देश दिए कि खाली जमीन पर सब्जी उत्पादन किया जाए। बजट के संबंध में प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें। उन्होंने नवनिर्मित भवन का भी निरीक्षण किया। इससे पूर्व उन्होंने लाख बहोसी पक्षी विहार का निरीक्षण किया। यहां पौधरोपण किया। निरीक्षण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
टेल तक पानी न पहुंचा तो जिला कृषि अधिकारी भी जिम्मेदार
नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के साथ ही अब जिला कृषि अधिकारी की भी होगी। यह निर्देश नोडल अधिकारी अनिल गर्ग ने कलक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास शहरी, ग्रामीण पाइप पेयजल योजना, हैंडपंप, पेंशन, राशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई आदि विकास से संबंधित कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए दिए। नोडल अफसर ने नहरों की सफाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार करें। सिंचाई के लिए नहर के टेल तक पानी पहुंचाएं। इसकी समय-समय पर जिला कृषि अधिकारी मानीटरिंग भी करें। उन्होंने पराली तथा कूड़ा जलाने पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। कहा कि जनपद में उर्वरक और खाद बीज आदि की किसानों को कमी नहीं होनी चाहिए। वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन के संबंध में कुछ लाभार्थियों को द्वितीय किस्त न मिलने पर नाराजगी जताई। जल्द भुगतान के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की ओर से गैरहाजिर अध्यापकों पर की गई कार्यवाही के आंकड़े सही नहीं मिले। उन्होंने आंकड़े दुरुस्त रखने की हिदायत दी।
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