तहसील के वकीलों ने बैठक कर क्षेत्र के निर्धन असहाय
विकलांग व विधवाओं को न्याय दिलाने के लिए उनकी निशुल्क पैरवी करने का
संकल्प लिया। इसके साथ ही तहसील की बिगड़ी व्यवस्था पर चेतावनी देते हुए
कहा कि एक सप्ताह के भीतर कामकाज में सुधार न हुआ तो वकील आंदोलन छेड़ेंगे।
तहसील
बार व लायर्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक निर्वाचित हुए
अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों का स्वागत सम्मान को आयोजित हुई। बैठक को
संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश शुक्ला ने कहा कि तहसील में
पिछले तीन माह से कामकाज की हालत काफी खस्ता है।
रजिस्टार कानूनगो के दफ्तर
में तैनात एआरके आफिस में नहीं बैठते हैं, जिससे काफी पत्रावलियां लंबित
पड़ी है। एसडीएम कोर्ट का भी यही हाल है। कोर्ट में धारा 131, 143 के
मुकदमों में कोई रुचि एसडीएम द्वारा नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह
शासनादेश है कि 10 वर्ष पूरे हो चुके पट्टेदारों की जमीन को स्वत: संज्ञान
लेते हुए संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया जाए, पर ऐसा नहीं हो रहा है।
किसान संक्रमणीय दर्ज कराने को महीनों से चक्कर काट रहे हैं। धारा 41 की
सैकड़ों फाइलें राजस्व कर्मचारियों के पास जांच रिपोर्ट के लिए लंबित पड़ी
है। लायर्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह वैस ने कहा कि तहसीलदार
कोर्ट में तैनात पेशकार मुकदमों की पत्रावलियों के रखरखाव में कोई रुचि
नहीं रखते हैं।
वकीलों के मुकदमों से संबंधित फाइलें मांगने पर उनको नहीं
दी जाती। वरिष्ठ वकील संजय शुक्ला ने कहा कि धारा 209 जेडए एक्ट के तहत
कोर्ट द्वारा जांच के लिए भेजी गई पत्रावलियां महीनों से लंबित पड़ी हैं।
सैकड़ों ग्रामीण न्याय पाने की आशा में प्रतिदिन कोर्ट के चक्कर लगाते हैं।
संरक्षक नीरज त्रिपाठी ने कहा कि एसडीएम कोर्ट में धारा 151 सीआरपीसी के
मुकदमे कब शुरू होते हैं, और कब खत्म हो जाते हैं, वकीलों को भनक तक नहीं
लग पाती। राजेश श्रीवास्तव, परमानंद तिवारी, महामंत्री राजीव यादव, सतीश
राजपूत ने कहा कि नए साल से वकीलों ने सामूहिक फैसला लिया कि क्षेत्र के
गरीबों असहायों व विकलांगों को न्याय दिलाने को तहसील के सभी वकील उनकी
मुफ्त पैरवी करेंगे।
बैठक के बाद दोनों अध्यक्षों ने तहसील प्रशासन को
चेतावनी दी कि अधिकारी व कर्मचारी अपना रवैया सुधार लें। एक हफ्ते में हालत
न सुधरे तो वकील आंदोलन को विवश होंगे। बैठक में बलवीर यादव, सुधीर
त्रिपाठी, कमलेश पाल, अरविंद कठेरिया, हरीशंकर राजपूत, प्रदीप चौहान, अजय
यादव के अलावा रजिस्टार व कानूनगो
राजेंद्र सिंह, नूर मोहम्मद, एसडीएम कोर्ट के पेशकार रामसुभाष, स्टेनो
सुरेश आदि मौजूद थे।