कन्नौज। जिले में जगह-जगह भगवान परशुराम जयंती मनाई गई। कोरोना के चलते बड़े आयोजन नहीं हुए। लोगों ने प्रतिमा को भोग लगा कर पूजा, अर्चना की। प्रसाद बांटा गया।
शहर के मोहल्ला शेखाना स्थित बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर में भक्तों ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माला-फूल चढ़ाए। औपचारिक रूप से परशुराम चालीसा, परशुरामाष्टकम स्तुति के साथ आरती की गई। कान्यकुब्ज साथी संस्था के अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ल, आचार्य जगपाल सिंह, अजय मिश्र की उपस्थिति में पूजा, अर्चना हुई। कान्यकुब्ज साथी संस्था वर्ष 1987 से भगवान परशुराम जन्मोत्सव मना रही है। 1994 से सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन हो रहा है। वैश्विक बीमारी कोरोना के चलते पिछले वर्ष की तरह भव्य रूप नहीं दिया जा सका। संस्था के आग्रह पर लोगों ने अपने-अपने घरों में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया।
इसी तरह शहर के चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई। पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि भगवान परशुराम का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था। कर्म से वह क्षत्रिय थे। स्वभाव से बहुत क्रोधी भगवान परशुराम को शस्त्र और शास्त्र दोनों का विशेष ज्ञान था। उनके पराक्रम का उदाहरण रामायण और महाभारत में मिलता है। उन्हें चिरायु का वरदान प्राप्त था। सपा के पूर्व जिला महासचिव संजय दुबे ने कहा कि आज भगवान परशुराम से प्रेरणा लेकर शस्त्र उठाने का समय है। देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है। भ्रष्ट लोगों को खत्म करने के लिए भगवान परशुराम का अनुसरण करना होगा।
इस मौके पर अमित मिश्रा, सत्येंद्र यादव, संजीव मिश्रा, प्रवीण दुबे, पवन अवस्थी, सभासद अनुराग मिश्रा, सभासद धर्मवीर पाल, रमेश यादव, वीरपाल, सभासद गोविंद दुबे, मनीष मिश्रा, कल्लू शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।