कन्नौज। सपा नेता एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि कारोबारी पीयूष जैन का समाजवार्दी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। ये कालाधन भाजपा नेताओं की सांठ गांठ से कमाया गया है।
सपा नेता ने पार्टी कार्यालय में कहा कि कारोबारी पीयूष जैन के घर छापा मारकर जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की टीम को जो रुपये मिले हैं उनका सपा से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा के नेता समाजवादी पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। पीयूष जैन कभी न तो सपा में रहे, न ही सपा के कोई कार्यकर्ता से कारोबारी नाता है। समाजवादी इत्र से भी पीयूष जैन का कोई लेना देना नहीं है। समाजवादी इत्र सपा एमएलसी पम्पी जैन ने बनाया है। मुख्यमंत्री झूठा आरोप लगाकर अपने दामन पर लगी कालिख को समाजवादी पार्टी पर लगाने का काम कर रहे हैं।
सपा नेता ने कहा कि आठ नवंबर 2016 को देश मे नोटबंदी हुई थी। इसके तीन महीने बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। अगर नोटबंदी में रुपया बदला गया था तो ये करोड़ों रुपये एक कारोबारी के घर में कहां से मिल रहे हैं। ये कारोबारी के घर पर मिल रहा रुपया भाजपा सरकार की काली कमाई है। भाजपा अपने नेताओं को बचाने के लिए ही सपा को बदनाम करने का काम कर रही है। इस दौरान राकेश तिवारी, संजय दुबे, बापू कटियार, अमित मिश्रा, सत्येंद्र यादव, दीपक यादव, सुरजीत यादव, धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश कठेरिया, अनंत यादव आदि मौजूद रहे।