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Kannauj News: बिगड़ते हालात को भांप नहीं पाई पुलिस, बिना तैयारी के गई थी

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तिर्वा। बिजली निगम के संविदाकर्मी का शव जबरिया उठाने को लेकर भीड़ आक्रोशित हो गई और पुलिस पर हमला बोल दिया। पुलिस भी बिगड़ते हालातों को भांप नहीं पाई व बिना तैयारी के गई थी। बवाल में कई पुलिसकर्मी पिट गए। उन्हें बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट पहनने का मौका तक नहीं मिला।
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मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी अपने एक्स हैंडिल पर पोस्ट किया है, जिसमें कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
ठठिया थाना क्षेत्र के पुनगरा गांव निवासी बृजेश सिंह को बिजली निगम ने चार माह पहले नौकरी से निकाल दिया था। फिर भी वह प्राइवेट में काम करता था। पहचान होने के कारण एसएसओ उसे शटडाउन भी दे देते थे। बृजेश का शव रखकर जब परिजनों ने बिजली घर के सामने जाम लगाया तो पुलिस ने समझाया, लेकिन परिजन मुआवजे और भाई को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े थे।
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पुलिस ने रणनीति बनाई कि यदि शव को उठाकर मोर्चरी भेज दिया जाए तो परिजन वहां चले जाएंगे और जाम खुल जाएगा। पुलिस का यह दांव उल्टा पड़ गया। शव को उठाने के लिए लाठी पटकते हुए जब पुलिसकर्मी पहुंचे तो वहां महिलाओं ने सीओ डॉ. प्रियंका बाजपेयी व इंदरगढ़ थानाध्यक्ष पारुल चौधरी पर हमला बोल दिया।
उनके साथ गईं महिला दीवान नसीबा खातून, महिला सिपाही मयूरी, आकांक्षा व मनोरमा भी घायल हो गईं। पथराव से सीओ समेत कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। तीन घंटे तक बवाल करने के बाद परिजन ट्रैक्टर ट्राली पर शव रखकर गांव चले गए और शव को घर पर रखने की बजाय खेत में छिपा दिया, जिससे कि पुलिस उसे न ले जा सके। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार के समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।
13 माह पहले हुई थी बृजेश की शादी
बृजेश राठौर की कानपुर देहात के एक गांव निवासी रोशनी के साथ शादी हुई थी। परिवार में बड़ा भाई सुभाष, छोटा भाई अमित व पिता मिलकर खेतीबाड़ी करते हैं। बृजेश ने फरवरी में लाइनमैन के पद पर विभाग संविदा कर्मी के रूप कार्य करना शुरू किया था अप्रैल माह में संविदा एजेंसी द्वारा कर्मचारियों को कम करने के आदेश पर उसे बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद भी वह काम कर रहा था।
विभाग ने किया कर्मचारी होने से इन्कार
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता मगन सिंह ने बताया कि तिर्वा सब डिवीजन में बृजेश नाम का कोई संविदा लाइनमैन नहीं है। आउटसोर्स तहत लाइनमैन को भर्ती किया जाता है। घटना की जांच कराई जाएगी और उसमें जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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