इंटेलीजेंस आफीसर बनकर ठगी का प्रयास करने वाले चार युवकों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि इनका एक साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। स्वाट और सर्विलांस टीम ने कई घंटे युवकों से पूछताछ की।
शुक्रवार को शहर के मोहल्ला अहमदीटोला मछली बाजार निवासी मो. हसन ने पुलिस को मामले की तहरीर दी। बताया कि तीन सितंबर को उनके भाई मुईनुद्दीन के घर पर तीन युवक आए। उन्होंने खुद को आईबी का अधिकारी बताया और कहा कि उनके गांव में अंजुम पुत्री अनवर निवासी बक्सपुरवा का कत्ल हुआ था।
इस मामले की जांच करने वे लोग लखनऊ से मुख्यमंत्री के आदेश पर आए हैं। दोबारा परिचय पूछने पर मोबाइल नंबर दिया और अपने नाम राहुल पुत्र रघुराज सिंह निवासी एलआईजी 32 गंगागंज पनकी कानपुर बताया। वहीं उनके साथ में बादाम सिंह पुत्र जय सिंह निवासी अनौगी व सत्यम शुक्ला निवासी मकरंदनगर भी थे। सभी युवकों ने उनके भाई को धमकाया कि यदि 50 हजार रुपये नहीं दिए तो जेल में सड़ा देंगे।
इसके बाद वह चले गए। हारून ने बताया कि चार सितंबर को उनके मोबाइल नंबर पर उक्त युवकों ने फोन किया और मंडी समिति आरटीओ आफिस के पास बुलाया। रुपया लेकर न आने पर उन्होंने उसे गाड़ी में डाल लेने की बात कही। इस पर उसने मामले की जानकारी परिजनों व पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी करके राहुल, सत्यम, बादाम सिंह और उनके साथी अजीत श्रीवास्तव को दबोच लिया।
सूचना पाकर सर्विलांस टीम प्रभारी तारिक खां ने उक्त चारों जालसाजों से पूछताछ की। कोतवाली प्रभारी भुल्लन यादव का कहना है कि मामला 50 हजार रुपये की ठगी करने का है। इसे लेकर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। चारों ठगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। शनिवार को सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।