कन्नौज। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की आधिकारिक वेबसाइट पिछले कई दिनों से तकनीकी समस्याओं से जूझ रही है। इस समस्या के कारण हजारों किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, आगामी किस्तों के लिए ई-केवाईसी अपडेट कराने या नए पंजीकरण कराने वाले किसानों को काफी परेशानी हो रही है।
छिबरामऊ, तिर्वा और सदर ब्लॉकों से आए किसानों ने बताया कि वे कई दिनों से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। सर्वर डाउन होने के कारण उनका काम नहीं हो पा रहा है। पोर्टल खोलने पर वेबसाइट लोड नहीं हो रही है या ओटीपी आने में घंटों की देरी हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा पीएम-किसान पोर्टल बंद कर दिए जाने से नए पंजीकरण संभव नहीं हो पा रहे हैं और पहले से जुड़े किसानों की समस्याओं का समाधान भी रुका हुआ है। कई किसान पिता की मृत्यु के बाद अपने नाम से नया पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं, जबकि कुछ के आवेदन अपडेट नहीं हो पा रहे हैं। विभाग के अनुसार, प्रतिदिन 30 से अधिक किसान कार्यालय से मायूस होकर लौट रहे हैं। कृषि विभाग ने हेल्प डेस्क पर वेबसाइट न चलने की सूचना लगा दी है, जिससे किसान सूचना देखकर ही वापस लौट रहे हैं। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि यह समस्या राज्य स्तर या तकनीकी टीम के स्तर से है। उन्होंने किसानों को धैर्य रखने की सलाह दी है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही सर्वर की समस्या को दूर कर लिया जाएगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है और समस्या का शीघ्र समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
अधूरी केवाईसी से किस्त रुकने का डर
सरकार द्वारा अगली किस्त प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी और भूलेख अंकन को अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में अभी भी हजारों किसान ऐसे हैं जिनकी केवाईसी प्रक्रिया अधूरी है। वेबसाइट के काम न करने के कारण ये किसान अपनी जानकारी अपडेट नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें डर है कि इससे उनकी अगली किस्त रुक सकती है।
जन सेवा केंद्रों पर भीड़
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जन सेवा केंद्रों पर भी किसानों की भीड़ उमड़ रही है। संचालकों का कहना है कि पोर्टल पर अधिक लोड या तकनीकी अपडेट के कारण सर्वर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। किसान सुबह से शाम तक इन केंद्रों पर इंतजार करते हैं, लेकिन अंत में उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है।