नई दिल्ली में हुए प्लेन हादसों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इसमें
सेना में पुराने व जर्जर हो चुके विमानों के इस्तेमाल को लेकर सैनिक
परिवारों की नाखुशी भी सामने ला दी है। इस मुद्दे पर जिक्र छिड़ते ही
बीएसएफ के इंस्पेक्टर राघवेंद्र के परिजनों का दर्द भी फूट पड़ा।
उनकी
मां और पत्नी ने आरोप लगाया कि प्लेन क्रैश होने के हादसे के लिए केंद्र
सरकार जिम्मेदार है। इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह यादव की पत्नी रामश्री व
मां शिवदेवी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने ध्यान दिया होता तो शायद यह
हादसा न होता। कहा कि बेहद पुराने हो चुके विमानों पर भेजना ही खतरनाक है।
सेना में इस्तेमाल हो रहे पुराने विमानों के जो कलपुर्जे खराब हो जाते हैं
वे अक्सर नहीं मिलते हैं। ऐसी स्थिति में जुगाड़ करना पड़ता है। उन्होंने
कहा कि नए प्लेन खरीदे जाएं, ताकि मजबूरी में पुराने व जर्जर विमानों से
उड़ान भरकर जवानों को अपनी जिंदगी जोखिम में न डालनी पड़े।
उन्होंने कहा
कि यदि प्लेन नया होता तो शायद हादसा न होता और सभी की जान बच जाती। यही
नहीं सात सीटर का प्लेन था, पर उसमें 10 लोगों को बैठा दिया गया। कहा कि अब
सरकार को चेत जाना चाहिए। ताकि इस तरह के हादसे दोबारा न हों। देश सेवा
में लगे जवानों की सुरक्षा के लिए आने-जाने के साधन-संसाधन अव्वल दर्जे के
होने चाहिए।
सेवानिवृत्त वायुसेना के ग्रुप कैप्टन रहे इंस्पेक्टर के बड़े
भाई राजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार हादसे की निष्पक्ष जांच कराए। किस कारण
हादसा हुआ, यह गहनता से पता किया जाए। वह चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो।
तभी ऐसे हादसे रुक सकेंगे।