कई दिनों से पड़ रही पाले की मार से फसलों पर आफत आ गई है। पाले की मार से आलू की फसल बर्बादी के कगार पर है। मटर, टमाटर व अरहर की फसल प्रभावित हुई है। इसके साथ ही अधिक प्रोटीन युक्त सब्जी की फसल बाकला के ऊपर पाले का असर पड़ रहा है। पौध से फूल गायब होते जा रहे हैं। वहीं, पत्तियां सिकुड़ गई हैं। इसके साथ ही सब्जी में खुशबू देने वाली धनिया भी बर्बाद हो गई है। फसल की हालत देख किसान चिंतित हैं।
क्षेत्रीय किसान राम रतन, सिद्धनाथ, रामनरेश, जगदीश, बांकेलाल, खुन्नूलाल का कहना है कि कई दिनों से पाला अधिक पड़ने से सबसे अधिक आलू की फसल प्रभावित हुई है। इसके बाद मटर के साथ अरहर पर पाले का असर दिखाई दे रहा है। सब्जी में टमाटर भी खराब हो गया। बाकला के फूल झड़ रहे हैं। पौधे की पत्तियां सिकुड़ गई हैं। पहले फलियों को सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है। फसल के पकने पर इसके बीज की दाल बनाकर गृहणियां उपयोग में लाती हैं।
इस बार रबी की फसल में मंदी के चलते 150 रुपये पसेरी बिकने वाला बाकला 80 रुपये पसेरी बिक रहा है।
किसान मेवाराम, सीताराम का कहना है कि पाले से धनिया के पौधे झुलस गए हैं। फूल गायब हो गए और हरी पत्ती की धनिया खेतों में खराब होने लगी हैं। पाले का प्रकोप न रुका तो सब्जी पैदा करने वाले किसान तबाह हो जाएंगे।
बाकला में पाले से बचाव के लिए सिंचाई करें। खेतों में नमी बनाए रखें। पत्तियां सिकुड़ रहीं हो तो मैंकोजेब की एक से दो ग्राम मात्रा का एक लीटर में घोल बनाकर छिड़काव करें। - अभिनंदन सिंह (कृषि रक्षा अधिकारी)