फर्जीवाड़े से जुड़े कागजात देखते विवेचनाधिकारी चंद्रप्रकाश तिवारी।
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तिर्वा(कन्नौज)। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में 1.46 करोड़ के गबन की जांच में जुटे अधिकारियों को आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक के दो पते मिले हैं। पुलिस दोनों पतों की पड़ताल में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि ज्वाइनिंग के समय दर्ज पते को तैनाती के समय संबंधित शाखा में क्यों नहीं दर्ज किया गया।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की फगुहा भट्ठा शाखा वर्ष 2016 में शुरू हुई थी। तभी शाखा प्रबंधक के पद पर प्रवीण कुमार शर्मा को तैनात किया गया था। उन्होंने वर्ष 2016 से 2018 के बीच बैंक में कार्य किया। खुले हाथों से लोन बांटा। प्रवीण कुमार शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने लोन के कागजातों में हेराफेरी कर 42 लोगों को फर्जी तरह से ऋण जारी कर दिया। कई किसानों की कम खेती को खतौनी में ज्यादा दर्शाकर लाभ पहुंचाया गया। जिन किसानों की खेती बंधक थी, उन्हें भी कर्ज दे दिया गया। इस प्रकार मैनेजर ने 42 किसानों को 1 करोड़ 46 लाख 64 हजार रुपये का कर्ज बांट दिया।
घपले का यह मामला आडिट में खुला था। बैंक अधिकारियों ने बैंक कर्मियों को प्रत्येक कर्जदार के घर भेजकर असली खतौनी चेक करने के साथ-साथ उनके बयान दर्ज किए थे। कर्जदार की असली खतौनी देखकर फर्जीवाडे़ की पोल खुल गई।
वर्तमान शाखा प्रबंधक बादाम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व शाखा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस आरोपी मैनेजर को पकड़ने के लिए पते को निकलवाने में जुटी थी। शुक्रवार को पुलिस ने कन्नौज स्थित मुख्य ब्रांच से आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक का पता खोजा। यह सिविल लाइंस कानपुर का निवासी निकला।
फगुआ से तबादले केे बाद शाखा प्रबंधक ने थाना इंदरगढ़ के नादेमऊ बैंक में कुछ दिन काम किया था। यहां पड़ताल में उन्नाव जिले के गंगाघाट थानाक्षेत्र के मिश्रा कालोनी का पता सामने आया। इससे पुलिस उलझ गई है। पुलिस ने दोनों पतों पर खोज शुरू कर दी है। विवेचनाधिकारी चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि मैनेजर की तलाश की जा रही। मैनेजर के दो अलग-अलग पते मिले हैं। सही पते की जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।