तिर्वा। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में 42 लोगों के फर्जी कागजात तैयार कर एक करोड़ 46 लाख 64 हजार का खेल करने पर पूर्व शाखा प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बैंक पहुंचकर 42 कर्जदारों की फाइलों में लगाए गए कागजातों को निकलवाकर तस्दीक कराना शुरू कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के फगुहा भट्टा गांव स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के शुभारंभ सन 2016 में हुआ था। उस समय मैनेजर के पद पर प्रवीन कुमार शर्मा को तैनात किया था। जिन्होंने सन 2016 से सन 2018 के बीच बैंक में आने वाले लोगोें को जमकर कर्ज बांटा। उनमें 42 कर्जदार ऐसे थे जिनके नाम खेती कम होने के बाद उनकी खेती अधिक दर्शाकर उन्हे कर्ज की धनराशि अधिक दी गई। इसके साथ ही जिन किसानों की खेती बंधक थी, उन्हें भी कर्ज वितरण किया गया। इस प्रकार मैनेजर ने 42 कर्जदारों के बीच एक करोड़ 46 लाख 64 हजार रुपये का कर्ज वितरण दिखा दिया। बैंक अधिकारियों द्वारा जब आडिट गई तो वह 42 कर्जदारों की फाइलों में किया गया फर्जीवाड़ा सामने आ गया। बैंक अधिकारियों ने बैंक कर्मियों को प्रत्येक कर्जदार के घरों में भेजकर उनकी असली खतौनी चेक करने के साथ-साथ उनके बयान दर्ज किए। कर्जदार की असली खतौनी देखकर बैंक मे मैनेजर द्वारा किए गए फर्जीवाडे़ की पोल खुल गई। वर्तमान शाखा प्रबंधक बादाम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व शाखा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने बैंक मे हुए फर्जीवाडे़ की जांच शुरु कर दी। पुलिस ने बैंक पहुंचकर 42 कर्जदारों की फाइलों में लगाए गए कागजात कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी। विवेचना अधिकारी चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि बैंक से 42 कर्जदारों की फाइलों में लगे हुए कागजात लिए गए है। उनकी जांच के लिए प्रत्येक कर्जदार से संपर्क साधा जायेगा। देखा जायेगा कि उनके कागजातों में कहा से और किसने फर्जीवाड़ा किया है। शाखा प्रबंधक बादाम सिंह ने बताया कि पुलिस ने 42 कर्जदारों की फाइलों को मांगा था, जिन्हें उपलब्ध करा दी गई है।