तिर्वा(कन्नौज)। पराली जलाकर पर्यावरण प्रदूषित करने के आरोप में तहसील प्रशासन ने 22 किसानों को चिह्नित कर नोटिस भेजा है। इनमें 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 10 के खिलाफ पुलिस को तहरीर साैंपी गई है।
खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सरकार ने पराली जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर तहसील प्रशासन ने लेखपालों को पराली जलाने वालों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंप दी।
तहसील क्षेत्र में नवंबर माह में अलग-अलग गांवों में 22 किसान पराली जलाते हुए पाए गए। इन पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया। जवाब न मिलने पर तहसील प्रशासन ने अलग-अलग थानों में 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अन्य किसानों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। एसडीएम जयकरन ने बताया कि अगौस गांव में रघुवीर पुत्र रामस्वरूप, कचाटीपुर गांव निवासी सूरज कनौजिया पुत्र रघुवीर, रामाधार पुत्र गंगाचरन के खिलाफ इंदरगढ़ में व तहसील बिल्हौर के राजेंद्र पुत्र बच्चीलाल, गुरौली गांव निवासी नफीस खां पुत्र हनीफ खां के खिलाफ ठठिया थाने मे मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि लेखपाल हिमांशु पांडेय ने पूरन सिंह, मुंशीलाल निवासी लक्ष्मणपुर, सोबरन, मुंशीलाल निवासी रामपुर, आशाराम निवासी सिमरिया, अवनेश निवासी सरौली के खिलाफ पराली जाने पर मुकदमा ठठिया थाने में दर्ज कराया गया है। लेखपाल ने बताया कि चेतावनी के बाद भी इन्होंने खेत में पराली जलाई है। इससे मुकदमा दर्ज कराया गया है। अन्य सभी पराली जलाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
तिर्वा में तैनात लेखपाल सलमान अली ने बताया कि सतौरा ग्राम सभा में बृजेश कुमार पुत्र प्रभूदयाल अपने खेत में फसलों के अवशेष जलाकर वातावरण को प्रदूषित कर रहे थे। पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है।