छिबरामऊ(कन्नौज)। धान की कम खरीद पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए धान खरीद केंद्रों पर लेखपालों की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही लेखपालों को निर्देशित किया गया है कि पंजीकरण कराने वाले किसानों का सत्यापन चौबीस घंटे में किया जाए।
धान खरीद केंद्रों पर बिचौलियों की आवक को समाप्त करने के लिए प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद है। प्रत्येक धान खरीद केंद्र पर एक लेखपाल निगरानी रखेगा। प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर होगी। इस बार किसानों को धान की उपज का मूल्य बाजार से ज्यादा मिल रहा है। इसका फायदा बिचौलिया न उठा सकें, इसलिए लेखपाल सौ क्विंटल से अधिक धान बिक्री व उपज वाले किसानों का सत्यापन भी करेंगे। प्रशासन ने ऐसे काश्तकारों की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो सौ क्विंटल से अधिक धान की पैदावार करते हैं। ऐसे किसानों का चौबीस घंटे के अंदर सत्यापन किया जाएगा। कार्य में लापरवाही बरतने वाले लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि सौ क्विंटल से अधिक उपज वाले किसान बैंक खाता, खतौनी तथा जिस भूमि में फसल उगाही गई है, उसका लेखाजोखा लेखपाल से सत्यापित कराने के बाद ही धान खरीद केंद्रों पर पहुंचें। इससे कि किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
केंद्रों पर लगाए गए लेखपाल
एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि विपणन शाखा ग्यासपुर में मिथलेश सिंह, विपणन शाखा गुरसहायगंज में अमित मिश्रा, किसान सेवा सहकारी समिति खड़िनी पर अवध नरायन पांडेय, किसान सेवा सहकारी समिति सकरावा में वीरेंद्र बहादुर, किसान सेवा सहकारी समिति सौरिख में ऋषि कुमार, किसान सेवा सहकारी समिति पूर्वी छिबरामऊ में विशाल चौरसिया, किसान सेवा सहकारी समिति तालग्राम में अतुल प्रताप सिंह, सहकारी क्रय-विक्रय समिति गुरसहायगंज में दुर्गेश गुप्ता, यूपी एग्रो हरिभानपुर में ध्रुव सिंह, यूपी एग्रो खड़िनी में माधवेंद्र पाल, नेफेड में विजयकांत शुक्ला, रसूलपुर में अनिल वर्मा, खड़िनी में गौरव राजपूत की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा खड़िनी में आशीष खरवार व अमित कुमार को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।