सूबे में अनामिका शुक्ला प्रकरण चर्चित होने के बाद शासन ने स्कूलों में तैनात सभी शिक्षकों की जांच कराने के आदेश दिए तो गोलमाल की परतें खुलना शुरू हो गईं।
अभी जिले में विभव की डिग्री के नाम पर जसवंत के नौकरी का मामला थमा नहीं था कि मैनपुरी के सुल्तानगंज और कन्नौज के ब्लाक गुगरापुर के अंतर्गत यूपीएस गुरगुचपुर में तैनात देवेंद्र प्रताप सिंह के सत्यापन में पैन नंबर व अभिलेख एक ही मिले हैं।
गड़बड़ी की आशंका पर बीएसए ने शिक्षक को नोटिस भेजकर तीन दिन में कार्यालय में मूल अभिलेख के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। देवेंद्र प्रताप सिंह जिले में 2011 से तैनात हैं।
शासन से मानव संपदा के पोर्टल समेत अन्य तरीके से शिक्षकों के सत्यापन में मैनपुरी के सुल्तानगंज में तैनात देवेंद्र प्रताप सिंह व कन्नौज के ब्लाक गुगरापुर के गुरगुचपुर में तैनात देवेंद्र प्रताप सिंह के शैक्षिक अभिलेख व पैन नंबर एक ही मिला।
अफसरों ने दोनों जिलों के बीएसए को सूचना भेजकर सत्यापन के आदेश दिए कि इनमें सही देवेंद्र प्रताप सिंह कौन है? सोमवार को बीएसए केके ओझा व लेखा एवं वित्त अधिकारी अमित कुमार सिंह ने जिले में तैनात देवेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेख खंगलवाए विभाग को ज्यादा जानकारी नहीं हो सकी।
बीएसए ने बताया कि देवेंद्र प्रताप सिंह ब्लाक गुगरापुर के गुरगुचपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 2011 से तैनात हैं। शिक्षक को नोटिस देकर तीन दिन में मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं।
इससे कि असली देवेंद्र प्रताप सिंह की पहचान की जा सके। उन्होेंने बताया कि अभी देवेंद्र प्रताप सिंह को गलत नहीं ठहराया जा सकता। उन्हाेंने बताया कि कई दफा शिक्षक दूसरे जनपद में नौकरी छोड़ने के बाद अन्य जिले में आवेदन करते हैं।
इनके शैक्षिक अभिलेख वहीं होते हैं। देवेंद्र प्रताप सिंह के आने पर ही सच्चाई पता चल सकेगी। अगर शिक्षक गलत तरीके से नौकरी करते पाया जाता है तो रिपोर्ट दर्ज करवाकर रिकवरी करवाई जाएगी।
बीएसए ने विभव की डिग्री पर जसवंत के नौकरी करते पकड़े जाने व रिकवरी के बारे में पूछे जाने पर बताया कि अभी वह जेल में है। ऐसे में रिकवरी नहीं की जा सकती है। जसवंत पर कितनी रिकवरी होगी,यह वह स्पष्ट नहीं कर सके। इससे जसवंत से रिकवरी पर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है।