कन्नौज। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले में ऑक्सीजन प्लंाट लगाए जा चुके हैं लेकिन इनके लिए स्थायी रूप से आईटीआई पास टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। इनके संचालन की जिम्मेदारी अब अस्पताल के कर्मचारियों पर ही आ गई है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिले के चार कोविड अस्पतालों में प्लांट लगाए जा चुके हैं।
जिले में इस समय चार अस्पतालों में पांच ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। इसकी क्षमता करीब 3993 हजार लीटर प्रति मिनट है, इनके माध्यम से करीब 700 बेडों पर 24 घंटे ऑक्सीजन मिल सकती है। सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछ चुकी है, ट्रांसफार्मर भी लग चुके हैं लेकिन संचालन के लिए स्थायी कर्मचारी न होने की वजह से जैसे-तैसे स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।
जिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कालेज, सीएचसी सौरिख और सौ शैय्या अस्पताल में प्लांट लगाए गए हैं। राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में दो राज्य सरकार के मद, जिला अस्पताल और सौ शैय्या में पीएम केयर फंड और सौरिख में आबकारी विभाग के सीएसआर फंड से लगाए गए हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.शक्ति बसु ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली टाटा कंपनी ने दो कर्मचारियों को दस-दस घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया है। वही इसका संचालन करेंगे। कोई दिक्कत आती है, तो वह कंपनी को सूचित करेंगे। उनके टेक्नीशिनय आकर समस्या को सही करेंगे।
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि इसके संचालन के लिए दो-दो कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यही ऑक्सीजन प्लांट का संचालन करेंगे।
छिबरामऊ। पीएम केयर फंड से सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय मेें स्थापित कराया गया ऑक्सीजन प्लांट रोज कम से कम चार से पांच घंटे तक चलाया जाता है, जिससे अस्पताल में आने वाले रोगियों को ऑक्सीजन की कोई दिक्कत न हो। इसको चलाने के लिए कोई भी तकनीकी दक्ष कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
इस प्लांट की क्षमता 1000 लीटर प्रति मिनट है। प्लांट को लगाने वाली कंपनी टाटा व डीटीएसएस ने ऑपरेटर मंजूर अली को प्लांट के संचालन के लिए तैनात किया है। इसके अलावा अस्पताल के दो कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने अस्पताल में कार्यरत मुनीष कुमार व रवीश को भी इसके संचालन में लगा दिया। सौरिख प्रतिनिधि के अनुसार नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आबकारी के सीएसआर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया है। इस प्लांट की क्षमता एक मिनट में 333 लीटर है। इसके संचालन की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट शैलेंद्र सिंह को दी गई है।
तिर्वा। राजकीय मेडिकल कालेज में लगा प्लांट पूरी तरह तैयार है। कालेज प्रशासन ने ऑक्सीजन प्लांट पर 3 लोगों की तैनाती की है। मेडिकल कालेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि कॉलेज में ऑक्सीजन के दो प्लांट लगे हुए हैं। शासन ने दो लोगों को प्रशिक्षण देने का आदेश दिया था लेकिन कालेज ने तीन को प्रशिक्षित किया है।