फोटो :36: जानकारी देते समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण। संवाद
कन्नौज। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश, वेतन सुरक्षा और अन्य लाभ मिलेंगे। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने मजदूर दिवस पर यह जानकारी दी।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि नए नियमों के अनुसार किसी भी आउटसोर्स या अनुबंध कर्मचारी से लगातार सात दिन काम लेना अवैध होगा। छह दिन के निरंतर कार्य के बाद एक दिन का सवेतनिक अवकाश अनिवार्य है। प्रतिदिन कार्य के घंटे आठ से नौ निर्धारित किए गए हैं, इससे अधिक काम लेने पर ओवरटाइम देय होगा। कर्मचारियों को प्रति वर्ष दस दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। छह माह की सेवा पूर्ण होने पर पंद्रह दिन का बीमारी अवकाश देय होगा। अर्जित अवकाश प्रति वर्ष पंद्रह दिन होगा जिसे अगले वर्ष के लिए संचित किया जा सकेगा। महिला कर्मियों के लिए प्रसूति अवकाश के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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समान काम-समान वेतन के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
बताया कि एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से बिचौलियों के शोषण को समाप्त किया जा रहा है। इसके तहत प्रथम श्रेणी के शहरों में अकुशल श्रमिकों के लिए 11,000 रुपये से अधिक और कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से अधिक की नई न्यूनतम मजदूरी दरें निर्धारित की गई हैं। सरकार समान काम-समान वेतन के सिद्धांत को प्राथमिकता दे रही है। वेतन ढांचे में सुधार करते हुए मूल वेतन कुल वेतन का कम से कम 50 फीसदी होगा, जिससे कर्मचारियों के भविष्य निधि और ग्रेच्युटी निधि में वृद्धि होगी। वेतन हर माह की एक से पांच तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी हमारी व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उन्हें सामाजिक सुरक्षा व सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है। मजदूर दिवस पर किए गए ये सुधार कर्मचारियों के अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह कदम उनके पसीने की कीमत को पहचानता है।