छिबरामऊ (कन्नौज)। ग्राम सभा माधौनगर में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. अमर सिंह ने शिविर लगाकर किसानों को ग्लेडियोलस की उन्नत खेती के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से ग्लेडियोलस की खेती करने से किसान कम लागत में अन्य फसलों से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि फ्रेंडशिप, पूसा हाइब्रिड एक, पूजा हाइब्रिड दो, संजीवनी, पूसा सुहागिनी, अर्चना, पालमपुर क्वीन, प्रिंसेस प्रोस्पेरिटी इत्यादि ग्लेडियोलस की प्रजातियों की बुवाई अक्तूबर माह में शुरू होती है। मृदा परीक्षण के बाद ही खाद एवं उर्वरक के प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रति हेक्टेयर 20 से 25 टन गोबर की खाद, 300 किलो नत्रजन, 200 किलोग्राम फॉस्फोरस तथा 200 ग्राम पोटाश का प्रयोग करना चाहिए। यदि मिट्टी में कीड़े की समस्या हो तो 10 से 12 किलोग्राम फोरेट 10 जी प्रति हेक्टयर के हिसाब से प्रयोग करें।
15 से 20 सेंटीमीटर की दूरली पर बीजों की बुवाई करें तथा 30 से 35 दिन बाद स्टेकिंग अवश्य करें, इससे ग्लेडियोलस की स्पाइक सीधी रहती है और अधिक उपज प्राप्त होती है तो बाजार में उसका मूल्य भी अच्छा मिलता है। प्रशिक्षण शिविर में केंद्रकर्मी राजबहादुर व किसान इंद्रजीत शाक्य, सुभाष, मुकेश सहित लगभग 26 प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।