विशुनगढ़ (कन्नौज)। अल्हनापुर गांव में मारपीट के मुकदमे में समझौता न करने पर शुक्रवार रात अविवाहित मजदूर की हत्या कर दी गई। सूचना पर पुलिस ने फारेंसिक टीम और डाग स्क्वायड के साथ जांच पड़ताल की। परिजनों की तहरीर पर गांव के एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अल्हनापुर गांव निवासी अविवाहित वकील खां (38) पुत्र मुन्नू खां मजदूरी करता था। शनिवार सुबह खेतों पर सुनील तिवारी के इंजन की कोठरी के पास वकील का शव पड़ा मिला। जानकारी होने पर भतीजे अयूब ने घर पर खबर दी। सूचना मिलने पर एएसपी विनोद कुमार सिंह, सीओ तिर्वा दीपक दुबे, विशुनगढ़ प्रभारी निरीक्षक कृष्णलाल पटेल ने फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वायड के साथ मौके पर जांच की। मृतक के मुंह व सीने के पास खून फैला था।
भाई शकील खां ने बताया कि शुक्रवार शाम को गांव का अरुण यादव वकील को साथ लेकर गया था। देर रात तक न लौटने पर तलाश की लेकिन पता नहीं चला था। अयूब ने बताया कि जिस कोठरी के पास शव पड़ा था, उसकी छत पर अरुण बैठा था। उसे देखकर भाग गया। एएसपी ने बताया कि अरुण यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं।
परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
भाई शकील ने बताया कि वकील और अरुण यादव में शनिवार को मारपीट हुई थी। आरोप लगाया कि अरुण ने वकील और मां सबीना के साथ गालीगलौज व मारपीट की थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो शुक्रवार को एसपी कार्यालय में शिकायत की थी। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार शाम अरुण घर पहुंचा और गलती मानी।
पुरानी दोस्ती का हवाला देकर वह वकील को साथ ले गया था। भाभी रुखसाना ने आरोप लगाया कि फोन करने पर प्रभारी निरीक्षक ने कहा था कि आरोपी को पकड़कर ले आओ। अरुण मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। उसने वकील की हत्या करने की धमकी भी दी थी। एएसपी विनोद कुमार सिंह ने परिजनों को पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस ने उठाया शव तो बेहोश हुई मां
परिजनों के विरोध के बाबजूद जब पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए वकील खां के शव को उठाया तो उसकी मां सबीना बेहोश हो गई। परिजन डर गए। वहां पर मौजूद परिजनों ने पानी डालकर सबीना को ठीक किया।