कन्नौज में फसल खराब होने पर फांसी लगाने वाले किसान रामऔतार की फाइल फोटो।
- फोटो : KANNAUJ
इंदरगढ़ (कन्नौज)। खेत में लगे सबमर्सिबल पंप की बोरिंग खराब हो गई और बारिश भी कम हुई, इससे किसान की धान की फसल सूख गई। फसल खराब होने के सदमे में किसान ने शुक्रवार रात को गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नायब तहसीलदार ने गांव जाकर जांच की और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
उधमपुर गांव के मजरा टुंडपुरा निवासी किसान रामऔतार (50) पुत्र सुखवासी लाल को पांच बीघा जमीन पट्टे पर मिली थी। खेती से परिवार का गुजारा न होने के कारण रामऔतार राजस्थान की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। उसने खेत में धान की फसल की बुआई की। धान की फसल की बुवाई कर वह राजस्थान चला गया था। करीब पंद्रह दिन पहले ही वहां से लौटा था। खेत में लगा सबमर्सिबल पंप खराब होने से फसल बारिश पर निर्भर हो गई। बारिश न होने से फसल सूख गई। फसल खराब होने से रामऔतार कई दिनों से परेशान था। शुक्रवार रात उसने गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने शव लटका देख परिजनों को सूचना दी।
पूर्व प्रधान राजाराम दिवाकर ने बताया कि रामऔतार के एक बेटा योगेश (30) और दो बेटियां रागिनी (12) और नैंसी (04) हैं। बेटा परिवार के साथ अलग रहता है। धान की फसल सूखने से रामऔतार परेशान था। ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया ने घर जाकर परिवार के लोगों को धैर्य बंधाया। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित लाल ने गांव जाकर किसान का खेत देखा और परिवार के लोगों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में धान की फसल खराब होने से सदमे में आत्महत्या की बात सामने आई है।
इंदरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश ने जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने भी बताया कि परिजनों ने धान की फसल सूख जाने को आत्महत्या की वजह बताया है। एडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि किसान और उसके बड़े बेटे के नाम राशनकार्ड बने हैं, उन पर राशन भी मिलता है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने जैसी बात सामने नहीं आई है।