घायल जगराम की जिला अस्पताल में पट्टी करता कर्मचारी। संवाद
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कन्नौज। मारपीट में घायल युवक गुरुवार रात छह घंटे तक शहर कोतवाली में तड़पता रहा। अस्पताल ले जाने के लिए दीवान और होमगार्ड ने उससे सुविधा शुल्क मांगा। बेहोश हो जाने पर रात तीन बजे उसे अस्पताल ले जाया गया। छह घंटे तक युवक थाने में रहा लेकिन कोतवाली प्रभारी को इसकी खबर नहीं लगी।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिखवापुर गांव निवासी जगराम (41) पुत्र रामेश्वर पर गुरुवार लगभग साढ़े आठ बजे भूमि विवाद पर गांव के कुछ लोगों ने फरसा, लाठी-डंडे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल जगराम को परिजन मानीमऊ पुलिस चौकी ले गए। चौकी से उसे नौ बजे थाने लाया गया। खून से लथपथ होने के बावजूद उसे अस्पताल नहीं भेजा।
जगराम का आरोप है कि एक दीवान और होमगार्ड ने कहा कि कुछ खर्चा करो तो मेडिकल करा दें। विपक्ष पर क्रास केस बन जाएगा वरना दूसरे पक्ष की तहरीर मिल गई है तो तुम्हें जेल भेज देंगे। दर्द से परेशान जगराम ने पुलिसकर्मियों से अस्पताल भेजने की गुहार लगाई लेकिन उसकी सुनी नहीं गई। रात लगभग तीन बजे जगराम बेहोश हो गया। किसी तरह उसे होश में लाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय ने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अगर कहीं लापरवाही बरती गई तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सदर सीओ शिव प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर पीड़ित पक्ष को बिना वजह बिठाया गया तो इसकी जांच की जाएगी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. डीएस तोमर ने बताया कि घायल को सुबह जिला अस्पताल बेहोशी की हालत में लाया गया था। उसके सिर, हाथ में फ्रैक्चर समेत शरीर में कई जगह चोटें हैं।